दसई/धार। (जितेन्द्र जैन) – बारिश ने इस बार फिर से अन्नदाता का गणित बिगाड़ दिया है।बारिश के कारण फसल कटाई का काम प्रभावित हो रहा हैं। मौसम के बदलते तेवर ने एक बार फिर किसान के माथे की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें डर सता रहा है कि यदि इस समय बारिश नहीं रुकी तो सोयाबीन व अन्य फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। फसल खराब व दाग वाली हो जायेगी जिससे किसान द्वारा 4 महीने तक फसलों को संभालने के बावजूद उसका सही मूल्य नहीं मिल पाएगा।
क्षेत्र में अधिकांश जगह सोयाबीन की कटाई हो कर फसल खेत में ही रखी है व कई जगह अभी खेतों में खड़ी है, लेकिन सोमवार को हुई तेज बारिश के चलते फसल खराब होने का ज्यादा अनुमान है।

किसानों ने बताया कटाई के बाद बारिश होने से दाने की रंगत बिगड़ेगी और वह दागी हो जाएंगे। फसल को नुकसान होगा व मंडी में एक हजार से 15 सौ रुपये तक दाम कम मिलेंगे। बारिश से गीली हुई सोयाबीन की फसलों को खेतों से बाहर लाने में लागत ज्यादा लगेगी क्योंकि खेतों में कटी हुई फसलों के बारिश में गीली होने से पहले उसको खेत से बाहर लाकर पलट कर सुखाने का काम करना होगा जिससे खेतों मे मजदूरो की मजदूरी भी बढ़ेगी।

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