आतंकियों के ठिकाने ध्‍वस्‍त, भारतीय वायुसेना की बड़ी कार्रवाई

आतंकियों के ठिकाने ध्‍वस्‍त, भारतीय वायुसेना की बड़ी कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) में बने बमों को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर गिराया।

इन बमों से आतंकी जैश के 3 ठिकानों को पूरी तरह तहस नहस कर दियागया। भारतीय वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई की खबर ओएफके प्रशासन को भी मिल चुकी है। निर्माणी के वरिष्ठ महाप्रबंधक अरविंद कुमार अग्रवाल ने कर्मचारी संगठनों के साथ दोपहर में आपात बैठक की।ओएफके में 1000 पौंडर बम बनाने का काम तक़रीबन 12 वर्षो से किया जा रहा है।

वायुसेना ही करती है इस बम का उपयोग, बटन दबाकर गिराते हैं बम

बम का वजन ज्यादा होने से इसे वायुसेना ही प्रयोग में लेती है। 1000 पौंडर बम को क्रेन से लड़ाकू विमान में लोड करते हैं। विमान में यह बम लगभग लटका रहता है, जो पायलट द्वारा डेशबोर्ड पर लगी बटन दबाकर नीचे जमीन पर गिराया जाता है। इस बम की कुल लंबाई 5 फीट और वजन लगभग 500 किग्रा होता है। इस विध्वंसक बम का खोल 250 किग्रा. धातु (टंगस्टन, जस्ता आदि) से बना होता है। इसके अंदर 250 किग्रा. वजन का आरडीएक्स, टीएनटी और केमिकल मिश्रण भरा रहता है।

बम की विशेषता  

सेना 1000 पौंडर बम का उपयोग बंकर, बिल्डिंग को ख़त्म करने में करती हैं। यह बम जहाँ पर गिरते ही आग का गोला बनकर फटता है। इससे 200 से 300 मीटर के तक के हिस्से में गहरा गड्ढा हो जाता है और बम कई टुकड़ों में बिखरता है जिससे बंकर, बिल्डिंग और मौके पर मौजूद लोगो के चीथड़े उड़ जाते हैं।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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