जानिए कोन जल्लाद देगा हैवानियत करने वाले चारौ को फांसी।

आत्महत्या है या मर्डर, ASI की मौत की गुत्थी उलझती जारही

धार। घाटाबिल्लोद चौकी के सहायक उप निरीक्षक मानसिंह परमार की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। वह आत्महत्या है या मर्डर यह साफ नहीं हो पा रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मानसिंह परमार से चौकी प्रभारी की मोबाइल पर बातचीत चल रही थी, परमार ने कुछ ही देर में चौकी पर आने का कहा और बहुत देर तक नहीं आने पर दोबारा उन्हें चौकी प्रभारी ने फोन किया तब मान सिंह परमार फोन नहीं उठा पाए कुछ देर होने के बाद चौकी प्रभारी उनके घर पहुंचे तब खिड़की से देखा कि वह फांसी के फंदे पर झूल रहे थे, तब चौकी प्रभारी व उनके साथ के लोगों ने उन्हें उतारा और धार जिला अस्पताल लेकर आए तब तक परमार अपनी अंतिम सांस ले चुके थे। उनकी मृत्यु की घटना के दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने सहायक पुलिस अधिक्षक ओंकार सिंह कनेश के माध्यम से पीथमपुर नगर पुलिस अधीक्षक व एफ एस एल अधिकारी को जांच में लगाया। जब उक्त टीम ने मृतक मानसिंह परमार की घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया तब वहां पर लाल स्याही से लिखा है एक सुसाइड नोट टीम को प्राप्त हुआ। हर घटना के बाद मिलने वाले सुसाईट नोट का पुलिस खुलासा कर देती है। इस बार अपने ही विभाग के अधिकारी की मौत और फंसने वाले अधिकारियों को बचाने की कवायदें हो रही है।

अतिरिक्त पुलिसअधीक्षक औंकारसिंह कनेश ने ली पत्रकार वार्ता 

बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता ली। जिसमे उन्होंने बताया कि आत्महत्या के दूसरेे दिन एफ.एस.एल अधिकारी ने मौका मुआयना किया। मकान में किताबें रखी थी। किताबें के नीचे एक कापी मिली है। उसमें लाल कलर के पेन से सुसाईट नोट लिखा हुआ है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सुसाईड नोट में क्या लिखा हे, किसका नाम है, तो वे बताने से परहेज करने लगे। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष की जा रही है। अगर जांच निष्पक्ष थी, तो सुसाईड नोट का ख़ुलासा करने से अधिकारी परहेज क्यों कर रहें, ये बात समझ से परे रही है। उन्होंने बताया कि नोट को जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी जिम्मेदार होगा, भले वो विभाग का ही क्यू न  हो, कार्यवाही की जाएगी।

मृतक के परिजन व मोहन पटेल मिले पुलिस अधीक्षक से 

इस घटना को लेकर मृतक के परिजन व मोहन पटेल पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह से मिले वह घटना की निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया। इस दौरान परिजनों ने एसपी आदित्यप्रताप सिंह को बताया कि जिस फंदे से फांसी लगाई गई है। उससे आदमी फांसी नहीं लगा सकता है। परिजनों ने एसपी से गुहार लगाई कि इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई लोगों के सामने आसके। वहीं परिजनों का कहना है कि जांच के दौरान घाटाबिल्लोद चौकी प्रभारी को भी हटाया जाए।

चौकी प्रभारी को किया लाइन अटैच  

पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने चौकी प्रभारी बीएस चौहान को लाइन अटैच कर दिया है। एसपी सिंह ने इस मामले में निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन भी मृतक के परिजनों को दिया है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मालती पटेल के पति मोहन पटेल भी साथ में थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में एसपी साहब को अवगत करवा दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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