आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन पर निर्वाचन आयोग से कि शिकायत ?

समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत —

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, जिसका कल ही बीजेपी ने शुभारम्भ किया गया था। इस अभियान के तहत भाजपा ने ‘भविष्य का संदेश, समृद्ध मध्य प्रदेश’ का नारा देते हुए सभी से सुझाव मांगे हैं। कांग्रेस ने इसे चुनाव आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन का मामला बताते हुए भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।
कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि, जनता से सुझाव मांगकर भाजपा उन्हें प्रलोभन दे रही है पिछले 15 वर्षो में किये गए कार्यों का बखान करते नजर आ रहे हे। ऐसे में ये आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। खुद प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांता रावा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी।
       इसी मुद्दे पर आरटीआई एक्टिविस्ट अभय दुबे ने भी निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि, समृद्ध मध्य प्रदेश के लिए भाजपा ने अलग-अलग जिलों में जो रथ भेजे हैं, उस पर नंबर प्लेट नहीं है। वहीं इन रथों के जरिए राजनीतिक कार्यक्रमों को अंजाम दिया जा रहा है। इस मामले में निर्वाचन आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक के  जन्मदिन मनाने पर हुई शिकायत — 
      मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांता राव ने कहा कि नीमच के पुलिस अधीक्षक को लेकर उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है, सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो में भारतीय जनता पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक का जन्मदिन मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं, इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने चुनाव आयोग को भी शिकायत की है।
      इसके अलावा विदिशा में दशहरे के दिन हुए लाठीचार्ज के मामले में भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने जांच की बात कही है। वहां दशहरे के दिन लाठीचार्ज में कुछ लोग घायल हो गए थे। इसे लेकर हिंदू उत्सव समिति ने निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग की गई है। हिंदू उत्सव समिति ने इन्हें न हटाए जाने की सूरत में मतदान के बहिष्कार की धमकी भी दी है।

पुलिस को मामला जांच के लिए सौंपा-
     सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कमलनाथ और मुख्यमंत्री को दिखाए जाने वर चुनाव आयोग ने पुलिस को मामला जांच के लिए सौंपा है। वहीं भोपाल में सरकारी आवास में चल रहे राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर लगे बैनर पोस्टर को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि हम इसकी जांच कराएंगे।

शराब की बोतल पर लगाये गए स्टीकरों पर आपत्ति —
      झाबुआ जिले में लायसेंसी दुकानों से बिकने वाली शराब की बोतलों में मतदान का संदेश वाले स्टीकर लगे होने पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस पर रोक लगा दी है। दरअसल यहां कलेक्टर ने मतदान के प्रति लोगों को जागरुक करने के इरादे से दो लाख ऐसे स्टिकर चिपकाए थे, जिस पर लोगों को मतदान के लिए जागरुक करने से जुड़े संदेश लिखे थे। दो सौ से ज्यादा स्टिकर तो बोतलों पर लग भी गए थे। आपत्ति आने के बाद इस पर रोक लगा दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साफ किया कि इन स्टिकर का इस्तेमाल कहीं और किया जाएगा।

अवैध शराब परिवहन एवं बिक्री पर भी निर्वाचन आयोग हुआ सख़्त —
      वहीं प्रदेश में 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगने के बाद से ही अब तक अवैध शराब और आचार संहिता उल्लंघन के मामलों को लेकर भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश में अवैध शराब के 10800 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं 60 हजार लीटर शराब जब्त की गई है। इसके अलावा जांच के दौरान प्रदेश में अब तक 80 लाख रुपए नकद बरामद होने की उन्होंने जानकारी दी है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 40000 चालान काटकर 4 करोड़ जुर्माना वसूल किया गया है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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