आधार करेक्शन की नई व्यवस्था लागू 1 अप्रैल से

भोपाल। अब व्यक्ति अपने आधार कार्ड में जन्म तिथि, नाम और जेंडर में बार-बार परिवर्तन नहीं करा सकेगा। जन्म तिथि एक बार और नाम व जेंडर दो बार ही अपडेट हो सकेंगे। यह व्यवस्था एक अप्रैल से भोपाल ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के आधार सेंटरों पर लागू हो गई है।

आधार अपडेशन की प्रक्रिया में किए गए इस परिवर्तन के पीछे मुख्य वजह, आम जनता द्वारा आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि और जेंडर में बार-बार परिवर्तन कराना है। यही वजह है बीते कुछ माह से जन्म तिथि अपडेट करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ही रोक दी गई थी। अब आधार सेंटरों को नए परिवर्तन के साथ शुरू कर दिया गया है।

इसके तहत जन्म तिथि को तीन साल कम या ज्यादा किया जा सकता है। जन्म तिथि में इससे ज्यादा वर्षों का परिवर्तन कराना हो तो रीजनल सेंटर से वेरीफिकेशन कराना होगा। बुधवार को इन नए नियमों के आधार पर आधार अपडेशन करने के लिए आधार सेंटर के संचालकों को यूआईडीएआई के अधिकारियों ने ट्रेनिंग कलेक्टर कार्यालय में दी गई थी।

बता दें कि कम पढ़े लिखे या 10वीं और 12वीं फेल व्यक्तियों जिनके पास जन्मतिथि संबंधी प्रमाण पत्र नहीं है, वे अब शपथ पत्र के आधार पर अपनी जन्म तिथि नहीं सुधरवा सकेंगे। उन्हें राजपत्रित अफसर के लेटर हेड पर जन्मतिथि का लिखित प्रमाण देना होगा या फिर जन्म तिथि संबंधी अन्य दस्तावेज देने होंगे।

बिजली बिल से चेंज नहीं हो सकेगा परिवार के सदस्यों का पता

बिजली के बिल में जिस व्यक्ति का नाम और पता दर्ज है, केवल उसी के आधार कार्ड में पता परिवर्तित हो सकेगा। बिजली बिल अब परिवार के अन्य सदस्यों जैसे माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या बच्चों के पते परिवर्तित के लिए मान्य नहीं होगा।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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