कई जिलों में बूंदाबांदी के साथ गिरे ओले

भोपाल, रीवा। प्रदेश के कुछ स्थानों पर सोमवार-मंगलवार की रात में बौछारें पड़ने के साथ ही रीवा क्षेत्र में ओले भी गिरे। साथ ही हवा का रुख बदलने से मंगलवार को राजधानी में दिन के तापमान में 3 डिग्रीसे. की गिरावट दर्ज हुई।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार से तापमान में फिर बढ़ोतरी होगी,हालांकि 30 मार्च से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा। बादल छाने से दिन के तापमान में गिरावट होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर बौछारें भी पड़ सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्रीसे. दर्ज किया गया,जो कि सोमवार के अधिकतम तापमान(38.0) के मुकाबले 2.9 डिग्रीसे. कम रहा। इसी तरह सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात का तापमान 20.8 डिग्रीसे.दर्ज हुआ। यह रविवार-सोमवार की दरमियानी रात के तापमान(19.0) के मुकाबले 1.8 डिग्रीसे. अधिक रहा।

वरिष्‍ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि पिछले दो दिन से प्रदेश के उत्तरी भाग में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं। मंगलवार को सुबह से ही राजधानी में हवा का रुख उत्तर-पूूर्वी रहा। लगभग 15 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चली उत्तर-पूर्वी हवा के कारण ही मंगलवार को दिन के अधिकतम तापमान में सोमवार के मुकाबले 3 डिग्रीसे. की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार-बुधवार की रात में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

सरवटे के मुताबिक प्रदेश के उत्तरी भाग में भी अब मौसम साफ होने के कारण बुधवार से दिन के अधिकतम तापमान में फिर बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इसके बाद उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ के दखल देने से 30 मार्च से राजधानी सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाएंगे। इससे दिन के तापमान में गिरावट होगी। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

रीवा जिले के 11 गांवों में गिरे ओले

रीवा जिले में सोमवार रात को ही मौसम का मिजाज बिगड़ गया और मंगलवार सुबह ओले गिरने से किसान सिहर गए। जिले के लगभग 11 गांवों में आंवले के आकार के 10 से 15 ग्राम के ओले गिरे हैं। तापमान पर भी असर देखा जा रहा है। जिले का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।

ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर जिले के माड़ौ, बैकुंठपुर, चिल्ला, जवा के चौखड़ी सितलहा में रहा। बड़े आकार के ओले गिरने के कारण फसल तबाह हो गई। किसानों का कहना है कि सोमवार रात लगभग 3 बजे चमक गरज और हल्की बारिश होने लगी। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे ओले गिरने लगे।

खेतों में लगी फसल पर ओलों की मार पड़ने के कारण पौधे कमजोर हो गए हैं। ओले, बादल और बारिश होने से खेतों में तैयार फसलों को नुकसान हो रहा है। चना, सरसों, गेहूं को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के कारण आम और महुए के फूल गिर गए हैं। किसानों ने बताया कि फसल गिरने से उसमें लगे हुए फल खराब हो रहे हैं। इससे उत्पादन भी घटेगा।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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