कम प्रतिशत देने वाले शिक्षकों की वजह से राज्य में जिले की छवि हुई धुमिल

10वीं में कम प्रतिशत देने वाले शिक्षकों की वजह से राज्य में जिले की छवि हुई धुमिल। 
जिले में ऐसी 8 स्कूलों के शिक्षकों को आयुक्त ने जारी किए शौकॉज। 

खरगोन। खरगोन कई शासकीय योजनाओं के कार्यों में बेहतर स्थिति में हमेशा रहा है। वहीं अगर शिक्षा की बात की जाए, तो इस क्षेत्र में भी पूर्व में बेहतर परीक्षा परिणाम रहें है। लेकिन वर्ष 2018-19 में कक्षा 10वीं के परीक्षा में चिंताजनक परिणाम सामने आए है। गत दिनों लोक शिक्षण की आयुक्त जयश्री कियावत ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रदेश की ऐसी समस्त स्कूलों के शिक्षकों को शौकॉज जारी किए है। इनमें 8 स्कूलें खरगोन जिले की भी है। इन स्कूलों की वजह से खरगोन जिले की छवि जिले के अलावा भोपाल में धुमिल हुई है। इन स्कूलों के शिक्षकों को मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-16 (चार) के अंतर्गत कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया है। इस कारण अनुशासनहीनता व कदाचरण के 6 स्कूलों के शिक्षकों की 2-2 वेतनवृद्धि तथा 2 स्कूल के शिक्षकों की 3-3 वेतनवृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकी गई है। इन सभी शिक्षकों को अपना उत्तर 7 दिवस के अंदर जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर शिक्षकों के विरूद्ध एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

ऐसा रहा परीक्षा परिणाम, जारी हुए नोटिस

लोक शिक्षण की आयुक्त जयश्री कियावत द्वारा जिन 8 स्कूलों को पत्र जारी किया है। उनमें सबसे कम प्रतिशत वाली स्कूल शासकीय हाईस्कूल नयदड़ है। इस स्कूल का प्रतिशत 6.67 रहा है। वहीं बांगदरा की शासकीय हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत रहा। इनके अलावा शासकीय हाईस्कूल भोपाड़ा का परीक्षा परिणाम 31.91 प्रतिशत, पीपलगोन हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 30.4 प्रतिशत, बैड़िया हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 33.11 प्रतिशत, भूलगांव हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत, अमलाथा हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 36 प्रतिशत तथा अद्यावन हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 34.29 प्रतिशत रहा है। वरिष्ठ अध्यापक कृष्णा शर्मा तथा प्राचार्य एम एल जैन की तीन-तीन वेतन वृद्धियां रोकी गई है। जबकि वरिष्ठ अध्यापक भगवानसिंह मण्डलोई, प्राचार्य के एस डावर, शेलेंद्रसिंह कनुडे, गुलाबसिंह सकले, सुखदेव निराले एवं सरिता सुल्या की 2-2 वेतनवृद्धियां रोकी गई है। इन सभी शिक्षकों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है।

क्यों जारी किया कारण बताओं सूचना पत्र

लोक शिक्षण की आयुक्त जयश्री कियावत द्वारा जिले की 8 स्कूलों के शिक्षकों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने मुख्य कारण यह है कि अकादमिक सत्र 2018-19 में शासकीय हाईस्कूल भोपाड़ा, पीपलगोन, बैड़िया, भूलगांव, अमलाथा, अद्यावन, नयदड़ तथा बांगदरा में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम अत्यंत खराब रहा है, जिसके कारण जिले की छवि भोपाल में धुमिल हुई है। आयुक्त कियावत ने कहा कि शाला के परीक्षा परिणाम से यह स्पष्ट है कि शिक्षकों द्वारा शाला का परीक्षा परिणाम बेहतर करने का प्रयास नहीं किया गया। यह कृत्य शिक्षकों के उत्तरदायित्व के प्रति उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही का घोतक है, जो कदाचरण एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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