करारी शिकस्त के बाद बोखलाए मंत्री, मीडिया से बनाई दूरी

करारी शिकस्त के बाद बोखलाए मंत्री, मीडिया से बनाई दूरी

जिला योजना समिति की बैठक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक ने जताई नाराजगी

जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा होने के अनुमान के कारण बैठक से पत्रकारों को किया बाहर

राकेश साहु – कार्यकरि संपादक मध्यभारत live 

कमलगिरी गोस्वामी -सम्पादक मध्यभारत live

धार।  जिला प्रभारी मंत्री को सर्किट हाउस में ही अंदाजा हो गया था कि सत्तारूढ़ दल के विधायक कर्ज माफी व विद्युत कटोती, खाद वितरण, पानी की समस्या को लेकर काफी नाराजगी जता रहे थे, जिन्हे समझाने व मनाने में प्रभारी मंत्री को सर्किट हाउस में काफी समय लग गया और जिला प्रभारी मंत्री बैठक में निर्धारित समय से काफी देर से पहुँची। प्रभारी मंत्री को जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा होने के पूर्ण आसार नजर आ रहे थे। इसी कारण उन्हे यह डर सता रहा था कि बैठक में कहीं किरकिरी न हो जाए। और सारा मामला मीडिया के माध्यम से जग जाहिर हो जायेगा। इसी कारण प्रभारी मंत्री ने मीडिया को बैठक में आने से रोका, अंदर की बात अंदर ही रखने का प्रयास किया। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरदारपुर के विधायक ने विद्युत आपूर्ति को लेकर जिला सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। विधायक प्रभारी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नाराजगी जाहिर करते हुए बैठक को बीच में ही छोड़ कर आवश्यक कार्य बताकर रतलाम के लिए रवाना हो गए। 

जियोस की बैठक में पक्ष विपक्ष के नेताओं ने पानी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए कहा, खाद वितरण को लेकर, विद्युत आपूर्ति की समस्याओं को लेकर जिला सरकार को घेरा। 

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस के नेताओं ने मीडिया से बनाई दूरी

लोक सुना लोकसभा चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद कांग्रेस के मंत्री बौखला गए हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया से दूरियां बनाते नजर आ रहे हैं, कहीं पर मंत्री मीडिया को अपने कैमरे बंद करने का कहते हैं, तो कहीं पर प्रभारी मंत्री मीडिया को बैठक से बाहर जाने का कहते हैं, इन सब के पीछे कहीं ना कहीं कांग्रेश की नाकाम होती कार्यशैली नजर आ रही है, कांग्रेश पर आम जनता इल्जाम लगा रही है कि कांग्रेस सरकार के आते ही विद्युत कटौती दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है किसान ऋण माफी में जिन लोगों का ऋण 50 हजार था उन्हें सिर्फ 5 या  2 हजार के ऋण माफी प्रमाणपत्र दिए गए हैं, इन्हीं सब कारणों के चलते कांग्रेसी नेता मीडिया से अपनी दूरियां बना रहे हैं क्योंकि आमजनता और मीडिया के सवालों का जवाब उनके पास नहीं है कहीं ना कहीं वह मीडिया से चेहरे छुपाते व दूरियां बनाते हैं नजर आ रहे हैं। 

सरकार बदलती है तो नियम बदल जाते हैं – प्रभारी मंत्री

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस के नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाई है। कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि मीडिया में व सोशल मीडिया पर कांग्रेस की नीतियों की आलोचना हुई है, और मोदी की योजनाओं की प्रशंसा हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। जबकि कांग्रेस को अपनी पराजय की समीक्षा करना चाहिए। इसी कारण से कांग्रेस के नेता मीडिया से दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मीडिया के सवालों का जवाब कांग्रेस के नेताओं के पास नहीं है। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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