कलयूगी पुत्र ने पिता को किया बेघर

कलयूगी पुत्र ने पिता को किया बेघर

 धार। जिस पिता ने अपने पुत्रों को पालने के लिए दिन रात दिहाड़ी मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पाला ताकि वह बड़े होकर अपने माता-पिता का सहारा बनेंगे किंतु होनी को कुछ और ही मंजूर था। तीन पुत्रों के पिता पर किस्मत ने कुछ ऐसा खेल खेला के उनके दो पुत्रों की मृत्यु उन से पूर्व ही हो गई जिसके कारण वह बहुत ही दुखी और उदास हो गए । बेटों के बिछड़ जाने के गम के कारण वह पिता दिन रात अपने पुत्रों के शोक में डूबा रहता किन्तु शायद इस बेबस व लाचार पिता पर किस्मत मैं और किस्मत की मार बाकी थी।

ऐसी ही एक दुखद घटना के बाद राजाराम बद्दा निवासी ग्राम पचलाना आज इंदौर नाका स्थित जिला शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में बैठे हुए समाजसेवी शबाना पटेल को दिखाई दिए उन्होंने इस बुजुर्ग से यहां मार्ग पर सोने का कारण पूछा जिस पर उन्होंने अपना नाम राजाराम बद्दा निवासी ग्राम पचलाना बताया और उन्होंने अपनी दुख भरी दास्तां समाजसेवी श्रीमती पटेल को बताई जिसमें उन्होंने बताया कि वह विगत 6 माह पूर्व वृद्धा आश्रम धार में रहकर अपने जीवन के बचे शेष दिनों को काट रहे थे किंतु उनकी पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण वह वहां से चले गए थे वहीं पत्नी का देहांत भी उसके कुछ दिन बाद ही हो चुका था। जिसकी वजह से वह और दुखी हो गए थे।

वृद्ध से चर्चा कर जानकारी लेते हुए       समाजसेवी शबाना पटेल।

जहां एक और अपने पुत्रों के खोने का गम उन्हें दिन रात सता रहा था। वहीं पत्नी की मृत्यु हो जाने के पश्चात वह व्यक्ति बड़ा ही हताश हो चुका है वहीं एक पुत्र का जिसका नाम उन्होंने लक्ष्मीनारायण निवासी संजय नगर धार होना बताया और बताया कि मेरे जो 2 पुत्र जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनकी पत्नियां उनके बच्चे मुझे घर पर नहीं रहने देते हैं, किसी भी बात का बहाना कर वो हमेशा मुझे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देते हैं।  उनका पुत्र भी उन्हें अपने पास नहीं रखता है जिसके कारण उन्हें भिक्षावृत्ति कर जीवन गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने यह बताया कि में पुनः वृद्धाश्रम जाना चाहता हूँ। और वहां जाकर में अपना शेष जीवन शांति व सकून के साथ व्यतीत करना चाहता हूँ। 

परंतु भगवान के घर देर है अंधेर नहीं यह कहावत आज सिद्ध हुई और शबाना पटेल उनके लिए खुदा का एक फरिश्ता बनकर उनके सामने पहुंची और उन्होंने धार के एक और समाजसेवी सुनील जी से संपर्क किया उसके पश्चात इन दोनों ने अपनी कवायद को शुरू करते हुए

वृद्धाश्रम में जाने के बाद वृद्ध के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।

एसडीएम धार वीरेंद्र कटारे से संपर्क कर इस पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए गुहार लगाई और धार में ही रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में ले जाकर भोजन करवाया और उनके वहां रहने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।  

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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