कलेक्टर के वाहन पर भी गिर सकता था परिसर का मुख्य गेट, लोक निर्माण विभाग की लापरवाही उजागर

कलेक्टर के वाहन पर भी गिर सकता था परिसर का मुख्य गेट, लोक निर्माण विभाग की लापरवाही उजागर

आलीराजपुर। प्रदेश में भ्रष्टाचार इस स्तर पर पहुँच गया है कि अब शासकीय भवनों में लगने वाली निर्माण सामग्री में मिलावट होने लगी है। ताज़ा मामला अलीराजपुर के कलेक्टर कार्यालय का है। सोमवार की दोपहर यहाँ के नव निर्मित कलेक्टर कार्यालय के भवन का मुख्य द्वार भरभराकर गिर गया। हैरानी की बात ये है कि भवन का अगस्त में ही लोकार्पण किया गया था। द्वार गिरने से कलेक्टर कार्यालय के दो कर्मचारियों को गंभीर चोट आई है। बताया जा रहा है कि वेल्डिंग का काम समय पर न होने के कारण ये हादसा हुआ। मामला गंभीर इसलिए है कि गेट से गुजरते समय कलेक्टर के वाहन पर भी ये गेट गिर सकता था। 

सोमवार की दोपहर लगभग 2 बजे कलेक्टर कार्यालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत महेश तोमर और कलेक्टर कार्यालय में जमादार के पद पर कार्यरत लाला भाई वारिया दोपहर का भोजन करने के लिये अपने घर की ओर बाइक से जा रहे थे, तभी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर पहुँचते ही उसका एक हिस्सा महेश तोमर एवं लाला वारिया पर आ गिरा, जिस कारण से दोनो को हाथ, पैर, कमर एवं पेट पर गंभीर चोट आई है। उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय आलीराजपुर में भर्ती किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी घटनास्थल पर पहुँच चुके थे। दोनों घायलों को गंभीर अवस्था में आलीराजपुर के जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है।

पीआईयू की लापरवाही सामने आई
 इस घटना ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। स्पष्ट पता चल रहा है कि भवन विभाग को सौंपने से पहले ठीक से जाँच नहीं की गई थी। यदि विभाग के आला अफसरों ने भवन का निरीक्षण कर लिया होता तो इस त्रुटि का पता लगाया जा सकता था। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि गेट की वेल्डिंग में कोई कमी रह गई थी जिसके कारण ये हादसा हो गया। कलेक्टर परिसर में इसी बात की चर्चा चलती रही कि यदि ये गेट जिला कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा की कार पर गिरता तो कितनी गंभीर दुर्घटना हो जाती।

क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी 

अब सवाल यह उठता है कि द्वार के गिरने के बाद जिला कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा द्वारा दोषियों के विरूद्ध क्या कदम उठाया जायेगा। क्या कलेक्टर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करेगें यह सोचने का विषय है। इस बारे में उनसे बात करने के प्रयास हुए लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। मंगलवार सुबह तक इस मामले में किसी जाँच के आदेश नहीं दिए गए थे।

 

 

 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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