किसान ऋणमाफी योजना में बड़े घोटाले की तैयारी

किसान ऋणमाफी योजना में बड़े घोटाले की तैयारी

उमरिया। जय किसान ऋणमाफी योजना में बड़े घोटाले की तैयारी चल रही थी। यहां की पड़वार सेवा सहकारी समिति में तीन साल पहले 13.88 करोड़ रुपए के गबन की राशि को किसानों का कर्ज दिखा दिया गया। बिना एक रुपए कर्ज लिए ही छह ग्राम पंचायत के 2190 किसानों को कर्जदार बन गए। किसानों का कर्ज 2 लाख के अंदर बताया गया, जिससे सभी कर्जमाफी योजना के अंदर आ सकें। समिति ने किसानों की ऋण सूची पोर्टल पर अपलोड करके गांवों में चस्पा कर दि। सूची में नाम देखकर किसानों के होश उड़ गए और उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने टीम बनाकर मामले की जांच करवाई।  

किसानों ने कहा नहीं लिया हमने कर्ज–

जांच टीम ने सैलया निवासी किसान सोहन, धनुशधारी, ललती बाई समेत लगभग 250 से अधिक किसानों के बयान दर्ज किए। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लिया ही नहीं। समिति के कर्ज वितरण सूचि से कर्ज का मिलान किए जाने पर इनका कर्ज भी नहीं पाया गया। कुछ प्रविष्टियां पाई गईं, जिनमें हस्ताक्षर या अंगूठा संबंधित किसानों का नहीं है।

समिति में जय किसान ऋणमाफी योजना के अन्तर्गत कुल 2190 किसानों के कुल 13 करोड़ 88 लाख 42 हजार रूपये कृषि ऋण की जानकारी शाखा इन्दवार के लॉगिन से मप्र एपेक्स बैंक यूटिलिटी पोर्टल प्रविष्टि कराई गई है। इस सूची में समिति पड़वार से संबधित छह ग्राम पंचायत हे जिनमे पड़वार, सलैया, सुखदास, बचहा, मुड़गुड़ी, बेल्दी मे चस्पा की गई। इसके बाद किसानों ने विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई। इस समिति के पास सबसे ज्यादा कर्जमाफी के प्रकरण हैं।

मूलधन से कई गुना ब्याज दर्शाया गया —

जांच में यह भी पाया गया की मूलधन से ज्यादा ब्याज लगाया गया है। सूची में क्रमांक 1949 में दुलारी जायसवाल का नाम है। उन्होंने 6411 रुपए का कर्ज लिया है, जिस पर 7 लाख 65 हजार 5 सौ 98 रुपए ब्याज दर्शाया गया है। ऐसा ही क्रमांक 1950 में किसान व्यंकट 13284 रुपए लिए है, जबकि 7 लाख 65 हजार 5 सौ  81 ब्याज बताया गया है।

समिति पर पहले से दर्ज है एफआईआर —

समिति मे पूर्व से आर्थिक अनियमितता के प्रकरण क्रमांक 54/18 के तहत एफआईआर थाना अमरपुर मे दर्ज है। इसके कारण समिति के ऋण संबंधी समस्त अभिलेख थाना अमरपुर मे जब्त है। पुलिस चौकी प्रभारी की उपस्थिति में जब्तशुदा रिकार्डों की सहायता से समिति में जांच की गई।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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