गोली न मार दे पुलिस इस डर से छीन ली AK-47

आरपीएफ के अमले से AK-47 और कारतूस छीनकर ले जाने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है।

उज्जैन। कुछ दिन पहले बड़नगर के टोकरा गांव में रेलवे ट्रैक के पास गश्त कर रहे आरपीएफ के अमले से एके-47 और कारतूस छीनकर ले जाने वाले 4 आरोपितों को पुलिस ने धर-दबोचा। यह घटना पुलिस के लिए एक बड़ी ही चुनौती थी। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 8 टीम गठित कर करीब 40 स्थानों पर दबिश दी थी। पकडे गए आरोपियो ने पुलिस को बताया की उनको डर था, कि अपने साथी को छुड़ाकर भागने पर कहीं पुलिस उन पर गोली नहीं चला दे, इसलिए रायफल छीनकर ले गए थे। वहीँ पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य 5 आरोपितों की भी तलाश कर रही है।

आईजी राकेश गुप्ता ने बताया कि 8 टीमों को आरोपितों की सर्चिंग के लिए लगाया था, जिसमें सफलता मिली है। टीम ने सबसे पहले दो आरोपित मेहरबान व उसके साथी का सुराग लगा लिया, जिन्हें पकड़ा गया तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।

फिलहाल पुलिस ने आरोपित मेहरबानसिंह मोगिया पिता बापूसिंह मोगिया उम्र 30 निवासी मियाखेड़ी बदनावर, उसके भानेज लालसिंह पिता देवीसिंह मोगिया 19 वर्ष, उमेश पिता भेरुलाल उम्र 24 निवासीगण बरखेड़ी थाना राघवी एवं दोस्त गलिया उर्फ अशोक पिता दयाराम मोगिया उम्र 24 निवासी बलेड़ी, इंगोरिया को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपित गलिया से AK-47 रायफल, लालसिंह से मैग्जीन, उमेश व मेहरबान से 5-5 जिंदा राउंड बरामद किये हैं। मामले के शेष 5 आरोपित कमल, अर्जुन तथा उनके भानेज महेश, गोकुल, पूनम की तलाश जारी है। इस मामले के खुलासे के दौरान डीआईजी रमणसिंह सिकरवार, उज्जैन एसपी सचिन अतुलकर भी उपस्थित थे।

800 भेड़े चोरी करने को आए थे

रेलवे ट्रैक पर 5 दिसंबर की रात ASI कमलेश शर्मा, हेड कांस्टेबल राकेश कुशवाह रात्रि में गश्त कर रहे थे। इस बीच तीन संदिग्धों को देख आवाज दी तो दो भाग गए, किंतु एक पकड़ में आ गया। पुलिसकर्मी उससे पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान उसके अन्य साथी वहां आ पहुंचे और पुलिसकर्मियों पर हमला कर साथी को छुड़ा ले गए। जाते समय वे उनके पास से AK-47 व कारतूस भी छीन ले गए। घटना में पुलिसकर्मियों को चोट आई थी।

अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश के अनुसार घटनास्थल के समीप राजस्थान के पाली से आई 800 भेड़ का पड़ाव था। आरोपित भेड़ चुराने के इरादे से आए थे। एक आरोपित कमल पर भेड़ चोरी का प्रकरण भी दर्ज किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले ही मिल गई थी रायफल

सूत्रों के अनुसार आरोपिता का सुराग लगने के बाद पुलिस की हलचल मची तो आरोपित डर के कारण रायफल रेलवे ट्रैक पर पटक गए, जो सोमवार सुबह बड़नगर रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ी मिली थी। जबकि पुलिस उसे आरोपित से बरामद करना बता रही है। खुलासे में आरपीएफ कमांडेंट निशांत, जीआरपी एसपी मनकामनाप्रसाद, एएसपी अंतरसिंह कनेश, बड़नगर एसडीओपी शेरसिंह भूरिया व टीआई अरविंदसिंह दांगी, आरपीएफ टीआई नवाबसिंह सहित अन्य थाना पुलिस की सक्रिय भूमिका रही। मामले की जांच अभी जारी है।

Follow Us

सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

%d bloggers like this: