चेक से भुगतान में रखें यह सावधानी, छोटी सी लापरवाही पहुंचा सकती है जेल

चेक से भुगतान में रखें यह सावधानी, छोटी सी लापरवाही पहुंचा सकती है जेल

जानकारों का कहना है, कि इसलिए चेक भरते समय इन चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

अगर आप चेक से पेमेंट कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। किसी प्रकार की लापरवाही न बरतिए। चेक से पेमेंट करने से पहले आप अपना खाता चेक कर लीजिए ताकि चेक बाउंस की नौबत न आए अन्यथा दो साल की सजा हो सकती है। बैंकिंग अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चेक बाउंस के मामले में नया सख्त कानून आ गया है। इसके अनुसार अब चेक बाउंस का केस दायर होते ही याचिकाकर्ता को आरोपित चेक की रकम का बीस फीसद देगा। यह राशि कोर्ट में जमा होगी।

इसके साथ ही निचली कोर्ट में केस हारने और ऊपरी कोर्ट में अपील पर फिर से आरोपित को बीस फीसद राशि जमा करनी होगी। अगर चेक बाउंस का मामला झूठा पाया जाता है, तो याचिकाकर्ता राशि लौटाने के साथ ब्याज भी देगा। जानकार बताते है कि चेक बाउंस के कानून को सख्त कर दिया गया है।

द निगोसिएशन इंस्ट्रूमेंट्स संशोधनद्ध एक्ट के अनुसार अब इस विधेयक के तहत चेक बाउंस के आरोपित को इसकी राशि का 20 फीसद हिस्सा अदालत में अंतरिम मुआवजे के तौर पर जमा करना होगा। साथ ही चेक बाउंस मामलों के दोषियों को दो साल तक की सजा का प्रावधान है। जानकारों का कहना है कि इसलिए चेक भरते समय इन चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

तारीख जरूर लिखें चेक पर

चेक भरते समय तारीख का विशेष ध्यान रखें। आप को बता दें कि जो डेट आप चेक पर लिखते हैं उससे तीन महीने की अवधि तक चेक मान्य होता है। इसमें महीनाए वर्ष और डेट तीनों चीजों को ध्यानपूर्वक भरें।

सावधान रहें हस्ताक्षर करते समय 

बैंक में लेनदेन करते समय खाताधारक को ध्यानपूर्वक हस्ताक्षर करना चाहिए। अगर बैंक अधिकारी को हस्ताक्षर में थोड़ा सा भी शक होता है, तो वह चेक रोक सकता है। इसलिए ध्यान रहे चेक पर हस्ताक्षर करते समय आपके साइन ठीक वैसे होने चाहिए जैसे आपने खाता खुलवाते समय दर्ज किए थे। बैंक के रिकॉर्ड में वही हस्ताक्षर स्कैन करके आगे के लिए रख लिए जाते हैं।

मोबाइल नंबर जरूर दें

एकाउंट होल्डर को चेक के पीछे खाता संख्या और मोबाइल नंबर लिखना चाहिए। ताकि अगर आपके चेक में बैंक अधिकारी को कोई भी दिक्कत या कन्फ्यूजन हो तो वह आपसे फोन करके जानकारी ले सकता है।

दो लाइन खींच कर दें चेक

यदि किसी व्यक्ति या संस्था के नाम पर एकाउंट पेई चेक काटते हैं, तो चेक के ऊपर बाईं ओर दो लाइन जरूर खींचें। यह इस बात का प्रमाण होता है कि चेक पर लिखी राशि को चेक वाहक को नकद न देकर खाते में हस्तांतरित करना है।

स्लिप रखें संभाल कर 

चेक जमा करते समय जो फॉर्म भरते हैं वह दो हिस्सों में होता है। चेक जमा करने के बाद अपनी स्लिप को संभालकर रखें क्योंकि चेक खो जाने की स्थिति में वही एक मात्र ऐसा दस्तावेज होता है जिस पर आपके चेक की डिटेल्स होती है।

अलग-अलग हैं बैंकों के शुल्क 

आपका चेक क्लीयर न होने पर इन दिनों निजी तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है। कुछ बैंकों ने तो इस मामले में भी अपना शुल्क बढ़ा दिया है। क्लियरिंग के लिए गए चेक में पैसे न होने पर शुल्क के रूप में आपके लोन भुगतान का ध्यान रखते हुए 250 रुपये तक भी अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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