जमानत याचिका ख़ारिज, विधायक को भेजा जेल

इंदौर। मामला नगर निगम में पदस्थ भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस के साथ विधायक विजयवर्गीय द्वारा मारपीट का है। निगमकर्मी बायस खाली मकान जो जर्जर था उसे तोड़ने गए थे, उससे नाराजगी के चलते विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके 7-8 साथियों ने निगमकर्मी को मकान तोड़ने से रोका और फिर बात बढ़ने पर क्रिकेट के बल्ले से निगमकर्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी मामले में विधायक आकाश विजयवर्गीय के विरुद्ध थाना एम जी रोड़ इंदौर में धारा 353 , 294 , 506, 147, 148 धाराओं में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा जैसे अपराध में मुकदमा दर्ज हुआ था।

इस मामले में आकाश को गिरफ्तार कर जिला कोर्ट के 40 नंबर कक्ष में पेश किया गया था। जहाँ मजिस्‍ट्रेट गौरव गर्ग के काेर्ट में तमाम दलीलों को सुनने के बाद जमानत निरस्‍त कर दी गई। कोर्ट परिसर में बड़ी संख्‍या में विजयवर्गीय के समर्थक मौजूद थे। कोर्ट ने स्‍पष्‍ट किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के मुद्दे उठाए जा सकते हैं, लेकिन सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट नहीं की जा सकती। विजयवर्गीय के वकील द्वारा जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसे न्यायाधीश द्वारा खारिज कर दिया गया है। और विजयवर्गीय को जेल भेज दिया गया।

भाजपा भुनाने की प्लानिंग में, विधायक द्वारा की गई बल्लेबाज़ी और जेल भेजने को 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र और इंदौर विधानसभा क्षेत्र 03 से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा निगम बीआई धीरेंद्र बायस के साथ की गई मारपीट को भाजपा जनता की लड़ाई बात कर भुनाने की कोशिश में लग गई है। मिली जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव इंदौर आये है। हो सकता है इंदौर बंद का एलान। कैलाश विजयवर्गीय राजनीति के मँजे हुए खिलाड़ी है, वो इस घटना से अपने पुत्र को राजनीतिक ऊँचाई तक ले जाने के हिसाब से ही मूर्त रूप देंगे।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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