जिले में अब तक सट्टे की सबसे बड़ी कार्यवाही

धार। मैंने चवन्नी खाली है, डिब्बे की आवाज कितनी है, लाइन को लंबी पारी चाहिए, कहने को यह सिर्फ चंद उटपटांग शब्द लगे लेकिन उनके बोलने में हाथो हाथ ही करोड़ों का लेन-देन हो जाता है। खास बात यह है कि आईपीएल सट्टे का पूरा नेटवर्क आधुनिक संचार प्रणाली लैपटॉप मोबाइल वॉइस रिकॉर्डर आदि पर चलता है, लेकिन यह धड़ाधड़ क्रिकेट खेल प्रेमियों के लिए जितना मनोरंजक है। इसमें कहीं अधिक यह सटोरियों के लिए कमाई का जरिया बन गया।
यह इस बात में ही साबित हो जाता है कि धार जिले के पीथमपुर नगर स्थित छत्रछाया कॉलोनी में पकड़े गए सटोरियों के 90 लाख से अधिक रुपए को लेन-देन का हिसाब मिलाहे। इस बात से यह साबित होता है की जिले में किस प्रकार से अवैध रूप से सट्टा कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है। पुलिस की इतनी बड़ी कार्यवाही से क्रिकेट सट्टा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा की पुलिस प्रसाशन की और से इन कारोबारियों पर अंकुश लगाने में कितनी सफलता प्राप्त होती है।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छत्रछाया कॉलोनी में स्थित कुछ व्यक्तियों द्वारा आईपीएल क्रिकेट में हार जीत का दाव फोन पर लगाया जा रहा था। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आरोपियों को धर दबोचा। इस कार्यवाही में क्रिकेट सट्टे का हाई प्रोफाइल बुकि गोपाल पिता शंकर सिंह रघुवंशी सहित इन के 18 साथियों को पुलिस ने हिरासत में  लिया जिस कमरे से सट्टा संचालित किया जा रहा था, वहा से पुलिस को 85 मोबाइल फोन16 लैपटॉप सहित ऑनलाइन क्रिकेट मैं काम आने वाले अन्य उपकरण मिले इन सटोरियों के पास से 30 हजार छः सौ 15 रुपये नगद व लैपटॉप में 90 लाख रुपए का हिसाब होने की जानकारी लगी है।
गौरतलब है कि आरोपी गगन पूर्व में भी क्रिकेट सट्टे का खाईवाली करते हुए इंदौर अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में पुलिस के शिकंजे में आ चुका है। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ धारा 3/4  एवं अन्य धारा 467/471 मैं प्रकरण दर्ज किया है। जानकारों के मुताबित इन धाराओं के बाद निश्चित रूप से आरोपियों को जमानत में कठिनाई आएगी।
ज्ञात हो कि धार जिले में धार मनावर सहित पीथमपुर ऐसी जगह है जहां पर क्रिकेट का सट्टा जमकर फल फूल रहा है। धार के कई अवैध शराब बेचने वाले होटल संचालक बड़ी बड़ी स्क्रीनों व एलईडी पर शराब के साथ ही क्रिकेट सट्टे को संचालित कराते हुए देखे जा सकते हैं। जहां पर अधिकतर युवा वर्ग नजर आता है। जो शराब के साथ ही बड़ी स्क्रीन पर आईपीएल का मैच देखते हुए अपने मोबाइल से ऑनलाइन सट्टा लगाते रहते हैं कुल मिलाकर युवा वर्ग सटोरियों के टारगेट में रहता है। और यही युवाओं को पहले नशा और सट्टे की लत लगवाते है। यह लोग अच्छी  फैमिली के बच्चों को फंसा कर क्रिकेट सट्टे की दलदल में धकेल देते हैं। 
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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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