ज्यादा खपत के बाद भी मिलेगा 150 रुपए बिजली बिल

ज्यादा खपत के बाद भी मिलेगा 150 रुपए बिजली बिल

इंदौर। शासन द्वारा घोषित बिजली के नए टैरिफ प्लान से शहर के साढ़े चार सौ से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। इन घरों में बिजली की मासिक खपत दो सौ से सवा दो सौ यूनिट है। फिर भी इन्हें डेढ़ सौ यूनिट वाले शासन के नए टैरिफ प्लान का लाभ मिलेगा। घर की छत पर लगा सौर ऊर्जा प्लांट इसके लाभ की वजह बन रहा है।

नए टैरिफ प्लान में शासन ने छोटे व निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए घोषणा की है। इसके तहत ऐसे उपभोक्ताओं को जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक होगी, उन्हें एक रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से सिर्फ 150 रुपए का बिल दिया जाएगा। इस खपत सीमा के दायरे में सिर्फ ऐसे ही घर आ रहे हैं जो रोजाना औसतन चार से पांच यूनिट बिजली खर्च करते है। आम मध्यमवर्गीय परिवार यदि फ्रिज, गीजर व अन्य उपकरण चलाता है तो खपत दो सौ से सवा दो सौ यूनिट तक हो जाती है। इसके बावजूद शहर के 480 परिवारों को 150 रुपए बिल का लाभ मिलेगा जो हर महीने दो सौ से सवा दो सौ यूनिट बिजली जला रहे हैं। असल में ये वे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अपने घर की छत पर सोलर एनर्जी प्लांट लगा रखा है।

कुल खपत में प्लांट की बिजली कम कर देती है कंपनी

डेढ़-दो साल पहले सौर ऊर्जा प्लांट लगाने वाले इन उपभोक्ताओं को अब दोहरा लाभ मिलेगा। असल में ये सभी उपभोक्ता नेट मीटरिंग सिस्टम से जुड़े हुए हैं। यानी इनकी छत से जितनी बिजली पैदा होती है वो कंपनी की ग्रिड में चली जाती है। कंपनी उस बिजली की गणना करती है। महीने में इन उपभोक्ताओं को जो बिजली बिल जारी होता है उसमें कुल खपत में से उतनी यूनिट कम कर दी जाती है, जितनी बिजली का उत्पादन छत पर लगे संयंत्र से हुआ है। इसी फॉर्मूले के चलते अब ये परिवार 150 रुपए के बिल का लाभ लेने की स्थिति में आ गए हैं।

संयंत्र से ये लोग 60 से 80 यूनिट तक बिजली पैदा कर पा रहे हैं। अगर इन उपभोक्ताओं के घर सौर ऊर्जा प्लांट नहीं लगा होता तो हर यूनिट के लिए इन्हें करीब साढ़े सात रुपए की दर से भुगतान करना पड़ता तो इनका बिजली बिल 1300 से 1400 रुपए आता।

लाभ देंगे

नेट मीटरिंग के तय फॉर्मूले के मुताबिक ही इन उपभोक्ताओं को बिल जारी होते रहेंगे। रिकॉर्ड के अनुसार शहर में करीब 680 घरों की छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगे हैं। इनमें से 480 परिवार 150 रुपए तक छूट के दायरे में आएंगे। ये सभी वे लोग हैं जिन्होंने 600 से 700 वर्गफीट की छत पर प्लांट लगाए हैं। इससे लोग प्रोत्साहित होंगे कि सौर ऊर्जा का उत्पादन करें और बिजली की खपत भी सीमित रखें।

विकास नरवाल, एमडी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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