युवा दिवस के उपलक्ष में शिक्षकों का सम्मान समारोह।

तुगलकी फरमान से पुरुष शिक्षको के साथ भेद भाव

इंदौर। जहाँ एक और प्रदेश में लाखो स्कूल संचालित हो रहे है, वहीँ प्रदेश के इंदौर संभाग में शिक्षा प्रणाली को लेकर एक स्कूल के द्वारा एक अलग ही तुगलकी फरमान स्कूल प्रबंधन ने जारी किया है। स्कूल प्रबंधन ने अपने यहां यह आदेश जारी किया है, कि उनके स्कूल में अब ‘नो मेल टीचिंग स्टाफ’ पॉलिसी लागू की गई है। इस कारण अब स्कूल में कोई पुरुष शिक्षक नहीं पढ़ा पायेगा। इस फरमान से परेशान स्कूल से जुड़े सभी पुरुष शिक्षको के साथ हो रहे भेद भाव को लेकर व्हॉट्सएप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर स्कूल के आदेश के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं।

ज्ञात हो की यह स्कूल मायाखेड़ी स्थित जेम्स पब्लिक स्कूल है, जहां नर्सरी से 10वीं कक्षा तक के बच्चे  पढ़ते हैं और यहां 41 शिक्षक हैं। स्कूल में 10-12 पुरुष शिक्षक हैं, जिन्हें नो मेल टीचिंग स्टाफ पॉलिसी के तहत स्कूल से हटाया जा रहा है। स्कूल दुबई का एक फ्रेंचाइजी स्कूल है। इंदौर के अलावा देशभर में ऐसे 12 स्कूल हैं। स्कूल की फ्रेंचाइजी संभालने की जिम्मेदारी देश के ‘के-12’ ग्रुप को दी गई है।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर स्कूल प्रबंधन ने सभी शिक्षकों को 31 मार्च तक स्कूल से सेवाएं खत्म करने का मेल जारी किया था। हालांकि चार महीने से स्कूल के सभी पुरुष शिक्षकों को इसकी मौखिक जानकारी दी जा रही थी। प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा का हवाला देकर पुरुष शिक्षकों हटा रहा है, जबकि स्कूल का एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ और बस ड्राइवर भी पुरुष हैं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक ये लोग सीधे बच्चों के संपर्क में नहीं होते हैं। शिक्षक ही बच्चों के सीधे संपर्क में होते हैं, इसलिए उन्हें हटाया जा रहा है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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