दोनों ही राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के लिए जीत कि राह नहीं आसान।

दोनों ही राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के लिए जीत कि राह नहीं आसान।

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बदनावर। विधान सभा क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी राजेश अग्रवाल की धीरे से चली हवा अब आँधी का रूप लेने लगी  है। और इस आँधी ने दोनों ही राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों की नींदें उड़ा दी हैं। एक ओर जहाँ भा ज पा के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक को गांव-गांव में विरोध का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर राजवर्धन सिंह दत्तीगांव का प्रचार अभियान धीमी गति से चल रहा है। क्षेत्र की जनता पिछले कई सालों से बाहरी नेताओं के काम से नाखुश हो कर किसी राष्ट्रीय दल को वोट न देते हुए स्थानीय और साफ़ छवि के नेता चुनने का मन बना लिया है। राजेश अग्रवाल दुर्गम रास्तों पर चलते हुए दूर दराज़ के गांव में पहुंच रहे हैं जहाँ जनता उनका धूम-धाम से स्वागत कर रही है।  
लोग उनका स्वागत करने के साथ साथ अपनी समस्याओं से भी उन्हें अवगत करवा रहे है। घटगारा गाँव के लोगों ने तो प्रेम दिखाते हुए केले से तौला। इससे पहले छायन के लोगों ने भी उन्हें केले से तौला था। 
दूसरी ओर बदनावर के इस स्थानीय प्रत्याशी के लिए युवाओं का प्यार उमड़ रहा है। बखतपुरा, बेसोला, बखतगढ़ और धारसीखेड़ा के सैकड़ों युवाओं ने बीजेपी के बजाय राजेश अग्रवाल को समर्थन देने का फैसला किया है। वहीँ स्थानीय प्रत्याशी राजेश अग्रवाल के लिए महिलाओं में भारी समर्थन नज़र आ रहा है। राजेश अग्रवाल की पत्नी श्रीमती रेखा अग्रवाल ने बदनावर में महिलाओं से जनसपंर्क किया जहां उन्हें भारी समर्थन मिला।
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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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