दो बूंद पिलाई, जान जोखिम में डालकर

धार – बाग़ । राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम संपूर्ण मध्यप्रदेश के साथ साथ विकासखंड बाग में भी विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 से 9 अप्रैल तीन दिवस तक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम की शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु समस्त स्वास्थ्य कर्मी पूर्ण प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ना हो कि कहीं कोई 5 वर्ष तक के बच्चे पोलियो रोधी जिंदगी की दो बूंद पीने से वंचित रह जाएं।

इसी कड़ी में अभियान के दूसरे दिन एक ऐसा उदाहरण देखने को मिला जिसने हमें यह खबर बनाने पर बाध्य किया ग्राम घुड़दल्या जो विकासखंड मुख्यालय बाग से करीब 14 किलोमीटर दूरी पर 6 वर्ष पूर्व बाघनी नदी पर बने थाना डैम के बेक वाटर से वर्तमान में अप्राकृतिक एवं भौगोलिक रूप से तीन हिस्सों में बट कर पहुंच विहीन क्षेत्र बन गया है। ग्राम घुड़दल्या की आशा कार्यकर्ता श्रीमती हतरीबाई पति बनिया सिंह ने अपने कर्तव्य को पूर्ण करने हेतु लगभग 57 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने के लिए एक फलिए से दूसरे फलिए तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लिया वह भी स्वयं द्वारा चलित नाव जो दोनों छोर से एक रस्सी से बंधे हुए हैं रस्सी को खींचकर एक छोर से दूसरे छोर तक आवागमन किया आशा हतरी द्वारा अपने कर्तव्य को विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों में जान जोखिम में डालकर, अल्प प्रोत्साहन राशि में ईमानदारी व पूर्ण जज्बे के साथ करना उनके कार्य के प्रति समर्पण एवं दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

ऐसे ही कर्मचारियों के दम पर भारत ने अनेकों बाधाओं को पार करते हुए खुद को पोलियो मुक्त किया है। हम ऐसी शख्सियत को सलाम करते हैं, अभिनंदन करते हुए कहेंगे की जहाॅ चाह है, वहाँ राह हैं।

 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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