धरा को हरा-भरा रखें, नहीं तो होगी कई बीमारियां

संवाददाता अब्बास जाम्बुवाला

आलिराजपूर। स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय अलीराजपुर में 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के अवसर पर विज्ञान क्लब के छात्र और छात्राओं के द्वारा विद्यालय के सभागार में पृथ्वीदिवस मनाया गया जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चो को पर्यावरण के महत्व और उसके छरण से होने वाली समस्या के बारे में बच्चों के अंदर जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यकम के प्रारम्भ में भूगोल विषय के शिक्षक सत्यशील पांडेय ने पृथ्वी दिवस पर प्रकाश डाला और बताया कि दिन प्रतिदिन के जलवायु परिवर्तन से हमारे पृथ्वी का तापमान बढ़ता जा रहा है जिसके दूरगामी परिणाम आने वाले है। उन्होंने बताया कि इसी की भयावता को देखते इस वर्ष का थीम जातियों का संरक्षण रखा गया है ।
इसी क्रम में विज्ञान शिक्षक संतोष चौरसिया ने बच्चो को बताया की पृथ्वी दिवस पूरे विश्व में 22 अप्रेल को मनाया जाता है। पृथ्वी के पर्यावरण के बारे में प्रशंसा और जागरूकता को प्रेरित करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को पहली बार सन् 1970 में मनाया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना था। पृथ्वी पर अक्सर उत्तरी ध्रुव की ठोस बर्फ़ का कई किलोमीटर तक पिघलना, सूर्य की पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी तक आने से रोकने वाली ओज़ोन परत में छेद होना, भयंकर तूफ़ान, सुनामी और भी कई प्राकृतिक आपदाओं का होना, जो भी हो रहा है इन सबके लिए मनुष्य ही ज़िम्मेदार हैं। ग्लोबल वार्मिग के रूप में जो आज हमारे सामने हैं। ये आपदाएँ पृथ्वी पर ऐसे ही होती रहीं तो वह दिन दूर नहीं जब पृथ्वी से जीव-जन्तु व वनस्पति का अस्तिव ही समाप्त हो जाएगा। जीव-जन्तु अंधे हो जाएंगे। लोगों की त्वचा झुलसने लगेगी और कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ जाएगी। समुद्र का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके चपेट में आ जाएंगे।

विश्व पृथ्वी दिवस महज़ एक मनाने का दिन नहीं है। बल्कि इस बात के चिंतन-मनन का दिन है कि हम कैसे अपनी वसुंधरा को बचा सकते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि धरती को बचाने में ऐसे कई तरीके हैं जिसे हम अकेले और सामूहिक रूप से अपनाकर योगदान दे सकते हैं। हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके संरक्षण के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए, लेकिन अपनी व्यस्तता में व्यस्त इंसान यदि विश्व पृथ्वी दिवस के दिन ही थो़ड़ा बहुत योगदान दे तो धरती के ऋण को उतारा जा सकता है। हम सभी जो कि इस स्वच्छ श्यामला धरा के रहवासी हैं उनका यह दायित्व है कि दुनिया में क़दम रखने से लेकर आखिरी साँस तक हम पर प्यार लुटाने वाली इस धरा को बचाए रखने के लिए जो भी कर सकें करें, क्योंकि यह वही धरती है जो हमारे बाद भी हमारी निशानियों को अपने सीने से लगाकर रखेगी। लेकिन यह तभी संभव होगा जब वह हरी-भरी तथा प्रदूषण से मुक्त रहे।

इसी क्रम में कक्षा 10 की छात्रा जाह्नवी ने स्वरचित कविता के माध्यम से पृथ्वी दिवस के महत्व को बताया तत्पचात ऋचा मैडम के मार्गदर्शन में कक्षा 9वी की छात्राओं ने एक नाटक के माध्यम से लोगो के बीच में जागरूकता के लिए पृथ्वी दिवस मनाने की आवश्यकता को बताया जिसमे मुख्य रूप से सावित्री,तनीषा,ख़ुशी,मनीषा,राजनंदिनी,गूंजा,नंदिनी व् दीक्षिता ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक शिव नारायण, अंजलि चौरसिया,सुयेब, आफाक ,नीलम सहित सभी छात्र व् छात्राये ने अपनी सहभागीता दी।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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