कोई भी मीडिया नहीं दिखा पायेगा एक्जिट पोल

नहीं हो पायेगा एग्जिट पोल का संचालन तथा प्रचार-प्रसार।

अधिनियम, 1951 के अधीन शक्तियों का प्रयोग

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए 12 नवम्बर, 2018 को पूर्वान्ह(सुबह) 7 बजे से 7 दिसम्बर, 2018 को अपरान्ह(शायंकाल) 5:30 बजे तक 5 राज्यों की विधानसभाओं के वर्तमान साधारण निर्वाचनों के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का संचालन करने तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन एवं प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रसार करने को प्रतिबंधित किया गया है।

निर्वाचन आयोग ने उपर्युक्त विधानसभा निर्वाचनों के संबंध में प्रत्येक चरण में मतदान की समाप्ति के लिये नियत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटों के दौरान किसी भी इलेक्ट्रानिक मीडिया में किसी भी ओपीनियन पोल एवं अन्य किसी मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित, किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि आयोग ने 6 अक्टूबर, 2018 के प्रेसनोट द्वारा छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, मिजोरम एवं तेलंगाना की विधानसभाओं के निर्वाचनों की घोषणा की थी। साथ ही आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद 6 अक्टूबर से 10 नवम्बर 2018 तक प्रदेश में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिये 35 हजार 830 गैर जमानती वारंट तामील करवाये गये हैं। इसी दौरान 3 हजार 524 अवैध हथियार जब्त किये गये हैं और 2 लाख 58 हजार 661 शस्त्र थानों के सस्त्रागारो में जमा कराये गए हैं। 

सम्पत्ति विरूपण अधिनियम में भी कई कार्रवाई की गई-

सम्पत्ति विरूपण के अन्तर्गत 17 लाख 19 हजार 650 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। इनमें से 16 लाख 66 हजार 291 प्रकरणों में कार्यवाही की गयी है। शासकीय सम्पत्ति विरूपण में 13 लाख 246 प्रकरण पंजीबद्ध कर 12 लाख 66 हजार 791 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। निजी सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत 4 लाख 19 हजार 404 प्रकरण पंजीबद्ध कर 3 लाख 99 हजार 500 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। इसी अवधि में वाहनों के दुरूपयोग पर 11 हजार 342 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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