नारी शक्ति का प्रतिबिंब कहलाती है

नारी शक्ति का प्रतिबिंब कहलाती है

धार। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में समीपस्थ ग्राम तिरला स्थित संजीवनी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें संजीवनी कॉलेज के डायरेक्टर आशीष कुमार चौहान एवं चेयरमैन डॉ भागीरथ पाटीदार एवं उनकी धर्मपत्नी दीपा पाटीदार का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत सम्मान किया गया। 

कार्यक्रम की शुरुआत चेयरमैन एवं डायरेक्टर की उपस्थिति में मुख्य अतिथि दीपा पाटीदार के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रजवल्लित कर की गई। उसके पश्चात नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष में मुख्य अतिथि को माला पहनाकर स्वागत किया। तत्पश्चात बालिकाओं द्वारा भारत देश की कई वीरांगना नारियों के बारे में उद्बोधन के माध्यम से जानकारी दी गई व नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा समाज सुधार एवं कुरीतियों को दूर करने के लिए एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

चेयरमैन डॉ भागीरथ पाटीदार ने अपने उद्बोधन में कॉलेज की छात्राओं से कहा कि हमारे भारत देश में नारियों का सम्मान सर्वोपरि हैं। नारियों को सबसे ऊपर माना जाता है। आप देख सकते हैं कि हमारे देश में समस्त देवी देवताओं में देवियों का ही आसन सबसे ऊपर हैं। भारत देश के अंदर 52 शक्ति पीठ होना इस बात का प्रमाण है की सनातन धर्म से ही भारतवर्ष में नारी पुज्यनिय रही है। 

डायरेक्टरआशीष चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष में नारी शक्ति को एक विशेष दर्जा दिया गया है हमारे देश में चाहे जितने धर्म हो हर धर्म में नारी का सम्मान सर्वोपरि है हमारे देश की कई महिलाओं ने अपने कार्य से नारी शक्ति का लोहा मनवाया है आज नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है नारी शक्ति का प्रतिबिंब कहलाती है यही कारण है कि हमारे देश में सरस्वती काली तथा लक्ष्मी की पूजा की जाती है नारी में अपार बल होने के बाद भी नारी सदैव शांत रहती है। 

 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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