नाले से मिले टिफिन से खुला राज, बिहार से बुलाए थे शूटर

भोपाल। शहर के व्यस्त सराफा चौक में लूट के इरादे से पांच दिन पहले मशहूर अग्रवाल ज्वेलर के ड्राइवर को ताबड़तोड़ तीन गोली मारने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वारदात को शहर में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों ने भाड़े के शूटर बुलाकर अंजाम दिया था। हालांकि सोना लूटने के इरादे से की गई इस वारदात में बदमाशों के हाथ सिर्फ बैग में रखे खाने के खाली टिफिन ही लगे थे। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल से अहम सुराग मिलने के बाद तीन आरोपितों को उज्जैन से गिरफ्तार किया है। फरार शूटरों की तलाश में पुलिस टीम बिहार रवाना हो गई है।

आईजी जयदीप प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि ज्वेलर जगमोहन अग्रवाल की यूनानी शफाखाना के पास सराफा चौक में दुकान है। रोजाना की तरह 30 मार्च की रात 9ः30 बजे अग्रवाल का ड्राइवर अब्दुल रहमान, मालिक को घर तक छोड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी क्रम में जैसे ही उसने टिफिन का बैग कार में रखा, तभी तीन चार लोगों ने उस पर 3-4 चार फायर कर दिए। साथ ही कार में रखा बैग लेकर बाइक से फरार हो गए थे। रहमान के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों से चर्चा में पता चला था कि बदमाश दो बाइक से आए थे और उनकी संख्या 4-5 थी। साथ ही उनके हुलिए और कपड़ों के बारे में भी अहम जानकारी मिल गई थी।

आस पास लगे 100 में से सिर्फ 4 कैमरों से मिले सही फुटेज

डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि घटना स्थल के पास लगे कैमरौ से अपराधियों के रेकी करते हुए फुटेज मिल गए थे। इसके बाद पुलिस ने लुटरों के फरार होने के हर संभावित रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया। लेकिन करीब 100 कैमरों में सिर्फ चार में ही सही फुटेज मिल पाए। इससे वारदात को सुलझाने में काफी मदद मिली। इस मामले में पुलिस ने करीब 250 संदेहियों से भी पूछताछ की थी।

नाले में मिले गोली लगे टिफिन, फुटेज सुर्खियों में आते ही छोड़ा शहर

फुटेज के साथ ही क्राइम ब्रांच की तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सुराग जुटाने में जुट गई। शक की सुई ऐशबाग इलाके में नवीन नगर स्थित जोन बास्को स्कूल के पास रहने वाले अब्दुल अलीम के किराएदार युवकों पर ठहर गई। पता चला कि 31 मार्च को वे लोग कहीं चले गए हैं। पुलिस ने संदेहियों के मकान के आसपास तलाशी ली, तो नाले से एक टिफिन बरामद हुआ,गोली इसके आर-पार हो चुकी थी।

टिफिन को फरियादी जगमोहन अग्रवाल ने पहचान लिया। अहम सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उज्जैन की एक धर्मशाला से बिहार निवासी कृत्यानंद तिवारी (24), मनीष तिवारी (22) और अभय तिवारी (18) को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बिहार के शूटर धीरेंद्र उर्फ ठन ठन चौबे (24) और मणीरंजन चौबे (23) की मदद से वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस केअनुसार

एसपी नार्थ हेमंत चौहान ने बताया कि मूलत : बिहार के रहने वाले कृत्यानंद ने वर्ष 2014 में रायसेन रोड स्थित सागर कॉलेज से बीफार्मा का डिप्लोमा किया है। वह दसवीं तक मुंबई में पढ़ा है। उसके पिता मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। उसके परिवार की गांव में 25 एकड़ जमीन भी है। उसके साथ रहने वाला मनीष तिवारी भोपाल के एक कॉलेज से बीई कर चुका है। तीसरा आरोपित अभय तिवारी दसवीं का छात्र है,वह 27 मार्च को ही बिहार से भोपाल आया था।

सोने की चेन ठीक कराते समय बिगड़ गई थी नीयत

डीआईजी के मुताबिक कृत्यानंद ने बताया कि कुछ माह पहले वह सोने की चेन ठीक कराने जगमोहन की दुकान पर गया था। वहां उसने सोने का बड़ा कारोबार देखते हुए लूटपाट की योजना बनानी शुरू कर दी थी। कई बार रेकी करने के बाद उसने बिहार के शूटर धीरेंद्र और मणीरंजन के साथ लूट की योजना बना ली थी। इसी क्रम में 27 मार्च को पांचों लोग कामायनी एक्सप्रेस से भोपाल आए थे। लूट के लिए कृत्यानंद ने 28 मार्च को ओएलएक्स के माध्यम से 30 हजार रुपए में पल्सर बाइक खरीदी थी। 30 मार्च को वारदात के बाद सभी नवीन नगर में कमरे पर ठहरे थे। लेकिन सुबह घटना के फुटेज सुर्खियों में आने के बाद दोनों शूटर बिहार भाग गए, जबकि तीनों छात्र उज्जैन रवाना हो गए थे।

घटना में किसका, क्या रहा रोल

कृत्यानंद तिवारी के साथ शूटर धीरेंद्र चौबे काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार थे। होंडा शाइन बाइक पर मनीष तिवारी, मणिरंजन चौबे और मनीष तिवारी थे।

घटना के समय कृत्यानंद तिवारी बाइक स्टार्ट कर घटना स्थल से 50 मीटर दूर खड़ा था। मनीष तिवारी जगमोहन अग्रवाल और उनके ड्राइवर के पीछे-पीछे चलकर लोकेशन बता रहा था। अभय तिवारी पार्किंग के पास खड़े होकर आसपास के लोगों की निगरानी कर रहा था।

कार में बैग रखते ही धीरेंद्र और मणिरंजन ने लूट के इरादे से ड्राइवर रहमान पर फायरिंग कर दी थी। वारदात के बाद बाइक पर बैठकर सभी फरार हो गए थे।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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