जानिए कोन जल्लाद देगा हैवानियत करने वाले चारौ को फांसी।

निवेशकों के दबाव में आत्महत्या, चिटफण्ड कम्पनी से जुड़ा मामला

सरदारपुर-धार। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी  ने अपने घोषणापत्र में यह बिंदु अंकित किया था की यदि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो समस्त मध्यप्रदेश में चिटफंड कंपनियों में लगा निवेशकों का पैसा निवेशको तक पहुंचाया जाएंगा। अभीकर्ता के ऊपर पहले से दर्ज मामले है उन्हें भी निरस्त करदिया जायेगा। इसी के चलते विधानसभा चुनाव में लगभग मध्यप्रदेश में 10 लाख से भी अधिक अभिकर्ताओं सहित करीबन 1 करोड़ 50 लाख निवेशकों ने अपने परिवार सहित कांग्रेस पार्टी के समर्थन में अपना मत देकर कांग्रेस पार्टी को विजय बनाया था।

किन्तु विधानसभा चुनाव में किये गए वादों पर कांग्रेस पार्टी आज भी अमल नहीं कर रही है जिसका खामियाजा मध्यप्रदेश में बसे सभी अभिकर्ताओं सहित उनके परिवार को उठाना पड रहा है। जिसके कारण अभिकर्ताओं की दयनीय स्थिति हो चुकी है। वह उन्हें दिनरात मानसिक व आर्थिक परेशानियों से रोजाना रूबरू होना पड़ रहा है। यहीं कारण है की विगत दो वर्षो में ही लगभग 23 से अधिक अभिकर्ताओं ने निवेशकों के दबाव व प्रताड़ना के चलते मौत को अपने गले लगा चुके है। 

इसी परेशानी के चलते मध्यप्रदेश के धार जिले की सरदारपुर तहसील के राजगढ़ थाना क्षेत्र के निवासी पंकज शर्मा जो की राजगढ़ नगर पालिका निधि कॉप्लेक्स में स्थित सहारा फ्रेंचाइजी के ऑफिस में प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे उन्होंने शनिवार देर रात्रि में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उन्होंने फासी लगाने से पहले अपने सुसाइड नोट लिखा की सहारा इंडिया कंपनी के उच्च अधिकारियों से परेशान होकर में पंकज शर्मा अपने जीवन को समाप्त कर हु।

उन्होंने अपने सुसाइड नोट में सहारा कंपनी के उच्च अधिकारियों से परेशान होकर यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना बताया, उन्होंने मनोज दुबे, माधव कुमार सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव, घनश्याम सिंह आदि का नाम सुसाइड नोट में लिखा है। और यह उल्लेख किया कि विगत दिनों भोपाल में कंपनी की  मीटिंग के दौरान उनके उच्च अधिकारियों द्वारा यह बात की गई थी कि आप नए एजेंट बनाओ एफ डी, आर डी करो व निवेशकों का पैसा वापस दो इस पर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति लेते हुए कहा कि कंपनी ने जो पूर्व में पैसा इकट्ठा किया गया था। उससे निवेशकको कि धनवापसी कंपनी के द्वारा की जाय। इस पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि निवेशक हम पर दिन प्रतिदिन दबाव बना रहे हैं, तो हम क्या जहर खा कर मर जाएं इसी बात पर झोनल प्रमुख ने भोपाल के सहारा कुंज कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यकर्ताओं से भरी मीटिंग में कहा कि जहर खा लो मेरे पास भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है। और कंपनी अपनी जमीन बेच कर जमाकर्ताओं को भुगतान क्यों करें आप कार्यकर्ता किस काम के हों।

आगे पंकज शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि मुझे मालूम है, कि मेरे मरने के बाद लोग यही कहेंगे कि पंकज के ऊपर बहुत कर्ज हो गया था इसलिए आत्महत्या कर ली लेकिन मेरे सहारा इंडिया कंपनी मैं लगभग 60 से 70 लाख रुपए जमा है। मेरी और से मुझे लोगों के सिर्फ 20 लाख रुपये देना बाकि है। जिनका भी पैसा मुझे देना है सहारा इंडिया से भुगतान लेकर मेरे परिवार वाले आपको एक-एक रुपया दे देंगे। मेरी नियत में कोई खोट नहीं है, मुझे आप सभी लोग माफ कर देना आपका एक-एक पैसा मिलेगा किंतु उसमें समय लगेगा आप मेरे परिवार वालों पर दबाव ना बनाएं और उन्हें परेशान ना करें।

मेरे मित्र अशोक राठौर, सुनील जैन, मुकेश चतर, पारस भंडारी ,वर्धमान मुझे माफ कर देना मैं आपका साथ छोड़ कर जा रहा हूं दोस्तों आपसे निवेदन है कि मेरा पैसा सहारा इंडिया से निकलवा कर मेरे परिवार की मदद कर देना। आपका यह अहसान में अगले जन्म तक नहीं भूलूंगा यह बात पंकज शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में लिख कर फांसी के फंदे पर झूल गए।

यह मामला सरदारपुर थाने का होने से दोनों थाने के थाना प्रभारी मौके पर मौजूद रहें व इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्म कायम कर इस आत्महत्या की जांच की जा रही है। व मृत पंकज शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र सरदारपुर भेजा गया है। ऐश्वर्य शास्त्री SDOP सरदारपुर

गौरतलब है कि सरदारपुर में नवागत एसडीओपी ऐश्वर्य शास्त्री ने आज ही पदभार संभाला है। अब देखना यह होगा कि एसडीओपी ऐश्वर्य शास्त्री इस आत्महत्या के मामले के जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करते हैं। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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