पहली बार दलित समाज मनायेगा संत रविदास जयंती

पहली बार दलित समाज मनायेगा संत रविदास जयंती

धार। जहां एक और संपूर्ण भारतवर्ष में दलित समाज के द्वारा संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती को बड़ी ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 
वहीं धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम मुरड़का में आजादी के 72 वर्ष बाद भी स्वर्ण समाज के द्वारा कभी भी गांव में दलित समाज को ना तो वर निकासी के दौरान घोड़े पर बैठने की इजाजत है, नाही किसी दलित के मर जाने पर उन्हें गांव के सरकारी श्मशान में जलाने की अनुमति यही नहीं इस गांव में दलित समाज आजादी के 72 वर्ष बाद भी यहां संत रविदास जयंती को हर्षोल्लास के साथ स्वर्ण समाज ने कभी नहीं मनाने दिया नाही कभी रविदास जयंती पर यहां चल समारोह निकलने दिया। 

दलित समाज के महानायक संत श्री रविदास जी की जयंती को मनाने के लिए ग्राम का एक दल मालवीय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार से मिला व ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि गांव में किस प्रकार सवर्णों के द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।  किसी भी विवाह में वर को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया जाता है, वही गांव के किसी भी मंदिर में दलितों को प्रवेश को लेकर मनाही है,  गांव में दलित समाज को श्मशान में जलाने भी नहीं दिया जाता है। नाहीं हमें संत रविदास जी का चल समारोह निकालने दिया जाता है ऐसी कई समस्या मनोज परमार को बताई गई। 

इस समस्या को लेकर मालवीय समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार प्रदेश अध्यक्ष लता मालवीय प्रदेश महासचिव डॉक्टर शीतल चौहान धार जिला अध्यक्ष महेश मालवीय नितेश सवनेर अजय परमार सुभाष सोलंकी सहित अन्य समाज जनों ने एक आवेदन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें गांव में किस प्रकार दलित समाज के साथ भेदभाव होता है, इससे अवगत करवाया। 

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने दलित समाज को आश्वासन दिया की दलित समाज पूरे हर्षोल्लास के साथ अपने संत रविदास जयंती को मनाएं वही चल समारोह में हमारी ओर से पुलिस बल लगाया जाएगा ताकि वहां शांति बनी रहे और किसी भी प्रकार का कोई वाद विवाद ना हो इस समारोहमें मैं खुद व कलेक्टर महोदय भी उपस्थित होंगे। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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