पीने के पानी की टंकियां चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

पीने के पानी की टंकियां चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

आलीराजपुर। जिला स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं फ्लोरोसिस विभाग द्वारा आलीराजपुर जिले के ग्रामीण ईलाकों में बनाई गई फ्लोराईड रहित पीने के पानी की टंकियां चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट। जिला मुख्यालय पर बैठे जिले के आला अधिकारी अपने विभागीय कक्ष में एसी एवं पंखे की हवा खाने में मस्त है। जिला मुख्यालय से 12 किमी की दुरी पर ग्राम खण्डाला के पटेल फलिया एवं ईमली फलिया में विभाग द्वारा बनाई गई पानी की टंकिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उक्त टंकियों में पिछले कई वर्षाे से खरपई पंप हाउस से पानी का सप्लाई न होने के कारण वहां के ग्रामीणों को फ्लोराईड युक्त पानी पीने को मजबुर होना पड़ रहा है। जब हमारी टीम द्वारा उक्त ग्राम का भ्रमण किया गया तो वहां पर कई प्रकार की अनियमितता पाई गई।

ग्राम खण्डाला के पटेल फलिया में विद्यालय परिसर के अंदर बनी फ्लोराईड रहित पानी की टंकी में पिछले कई वर्षाे से पानी नहीं आ रहा है। इस संबंध जब हमारी टीम द्वारा ग्रामीणों से जानकारी चाही गई तो ग्रामीणों ने हमें बताया कि हमारे पटेल फलिये में फ्लोराईड रहित कुल 4 टंकिया फ्लोरोसिस विभाग द्वारा बनाई गई किन्तु लगभग 15 वर्ष होने के बाद भी आज दिनांक तक इन टंकियों में फ्लोराईड रहित पीने का पानी हमें नहीं मिला है। जिस कारण से हमारे साथियों में फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बिमारी उत्पन्न हो रही है। फलिये के रहवासियों का कहना है कि फ्लोरोसिस विभाग द्वारा हमारे फलिये में टंकी तो बना दी गई किन्तु उक्त टंकियों में आज दिनांक तक फ्लोराईड रहित पीने का पानी प्रदाय नहीं किया गया है। जिसके चलते हमारे फलिये में 6 हैण्डपंप है जिससे फलिये में पानी की पुर्ति की जा रही है।

ईमली फलिये में नाले में क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी पानी की टंकी
ग्राम खण्डाला के ईमली फलिये में भ्रमण किया गया तो टीम ने वहां पाया कि फ्लोराईड रहित पानी की टंकी नदी के नाले के अंदर क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी। साथ ही खण्डाला के पटेल फलिया के विद्यालय परिसर में बनी पानी की टंकी भी अव्यवस्थाओं की सिकार। जब टीम द्वारा इस संबंध में जानकारी चाही गई तो ग्रामीणों का कहना है कि उक्त टंकी पिछले कई महिनों से टुटी फूटी अवस्था में इस नाले के अंदर पड़ी हुई है। फ्लोरोसिस विभाग द्वारा इस ओर किसी भी प्रकार से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले से फ्लोरोसिस विभाग का कोई भी अधिकारी द्वारा इस टंकी की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उक्त टंकी पिछले कई महिनों से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।

क्या कहते हे अधिकारी

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में बैठे विभाग के आला अधिकारी सब इंजिनियर आर.डी. राठौर, विभाग के प्रभारी एस0डी0ओ0 दिवाकर केसरे, विभाग के इंजिनियर संतोष कुमारे साल्वे बताते है कि हमारे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खरपई पंप हाउस जो कि बेहड़वा पंप हाउस से जुड़ी पाईप लाईन के माध्यम से फ्लोराईड रहित पीने के पानी का सप्लाई किया जा रहा है। लेकिन जमीनी स्तर पर जाकर जब देखा जाये तो वास्तुस्थिति कुछ और ही बयान करती है। इसका सीधा उदाहरण जिला मुख्यालय से 12 किमी की दुरी पर ग्राम खण्डाला में देखने को मिल जायेगा। जहां पर विभाग द्वारा टंकिया तो बना दी गई किन्तु उक्त टंकियों में पिछले 10 से 15 वर्षाे से पानी का सप्लाई नहीं किया गया। इन टंकियों में पिछले कई वर्षाे से खरपई पंप हाउस से फ्लोराईड रहित पीने का पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे क्षेत्र में विभाग द्वारा टंकिया तो बना दी गई किन्तु इन टंकियों से आज तक हमें पीने का पानी नहीं मिला। जिस कारण से हमें फ्लोराईड युक्त पानी पीने को मजबुर होना पड़ रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि जिले स्तर पर बैठे विभाग के आला अधिकारियों द्वारा राज्य स्तर पर ग्राम खण्डाला में फ्लोराईड रहित पीने के पानी पहुँचाने की जानकारी दी गई है। पर्दा फास तो तब होगा जब राज्य स्तर से कोई अधिकरी इस ग्राम में भ्रमण करे तो जमीनी स्तर पर हकिकत कुछ और ही बयां कर सकती है।

6 माह से नवीन पंप चल रहे फिर खण्डाला में पानी क्यों नही

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खरपई के पंप हाउस पर आज से 6 माह पुर्व नवीन पंप विभाग द्वारा लगा दिये गये जिसके माध्यम से ग्रामीणें इलाकों में फ्लोराईड रहित पानी का सप्लाई किया जा रहा है। उक्त पंप हाउस पर बेहड़वा पंप हाउस से पानी का सप्लाई दिया जा रहा है। वर्तमान में खरपई पंप हाउस पर दोनों पंप चालु अवस्था में चल रहे है। वहीं पुराने पंपों को खुले मैदान में विभाग द्वारा रख दिया गया। सोचने वाली बात यह है कि पिछले 6 माह से खरपई पंप हाउस पर दोनों नये पंप चालु अवस्था में चल रहे है तो उक्त पंप हाउस से पानी किस ओर सप्लाई हो रहा है। खण्डाला सहित अनेक ग्रामीण ईलाकों में फ्लोराईड रहित पानी का सप्लाई न होने के कारण ग्रामीणों में फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बिमारी फैल रही है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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