पेड न्यूज पर रखी जाएगी कड़ी नजर

पेड न्यूज पर रखी जाएगी कड़ी नजर

धार। लोकसभा निर्वाचन के लिए गठित जिला स्तरीय एम.सी.एम.सी. कमेटी की बैठक यहाॅ एनआईसी कक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। श्री सिंह ने इस बैठक में जिला मुख्यालय सहित सातो विधानसभा क्षेत्र मुख्यालय पर मीडिया सेल गठित करने के निर्देश दिये। श्री सिंह ने पीथमपुर में भी मीडिया सेल स्थापित करने के निर्देश दिये ताकि इंदौर के समाचार पत्रो में प्रकशित होने वाले विज्ञापन तथा पेड न्यूज पर निगरानी रखी जा सके। श्री सिंह ने विजुअल मीडिया, टेलीविजिन, केबल नेटवर्क, सिनेमा, मोबाईल फोन, वीडियोवेन, सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये। श्री सिंह ने जिले के केबल आपरेटरों तथा प्रिंटिंग प्रेसों के संचालको की पृथक-पृथक बैठके शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिये।

श्री सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया पर कड़ी नजर रखी जावेंगी। प्रिंट मीडिया में कोई पैड न्यूज प्रकाशित होने पर एमसीएमसी समिति यह निर्णय लेती है कि संबंधित न्यूज पैड न्यूज है या नहीं। पेड न्यूज की संभावना पर संबंधित उम्मीदवार को 96 घंटे के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस जारी होने के पश्चात उम्मीदवार 48 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करेगा। जवाब प्रस्तुत न करने पर पेड न्यूज के खर्चे को उम्मीदवार के खाते में जोड़ लिया जाएगा। संबंधित उम्मीदवार एमसीएमसी के फैसले से असंतुष्ट होता है तो उम्मीदवार 24 घंटे के भीतर राज्य स्तरीय एमसीएमसी समिति को अपील कर सकता है।

विज्ञापन पर प्रकाशक व मुद्रक का नाम जरूरी

श्री सिंह ने कहा कि आईपीसी एक्ट 1957 की धारा 127  में यह प्रावधान है कि निर्वाचन विज्ञापन के लिए प्रिंट किए जाने वाली पेम्पलेट, हैंड बिल, पोस्टर या अन्य दस्तावेज में प्रकाशक और मुद्रक का नाम एवं पता अंकित होना अनिवार्य है। इसके उल्लंघन होने पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दंडित किए जाने का प्रावधान है।

बिना प्रमाणीकरण के विज्ञापन पर दंड

श्री सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट (मतदान के 48 घंटे पूर्व) मीडिया राजनीतिक विज्ञापनों को बिना प्रमाणीकरण के प्रकाशित नहीं कर सकती है। बिना प्रमाणन के विज्ञापन जारी करने पर केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 के अंतर्गत अधिनियम के प्रावधानों का किसी भी केबल ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन किए जाने पर अधिनियम की धारा 12 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में उपकरण जप्त किया जा सकता है। इसी प्रकार अधिनियम की धारा 13 के तहत उपकरण जप्त करने तथा सजा की जा सकती है। वहीं प्रिंट मीडिया में विज्ञापन (विज्ञापन के लिए अभ्यर्थी की अनुमति होने पर निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। यदि सहमति नहीं हाेने पर 171 भ् (आईपीसी) के तहत प्रकाशक के विरुद्ध अभियोजन किया जा सकता है।) भारतीय दंड संहिता की धारा 171 भ् के अनुसार चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी की अनुमति के बिना विज्ञापनो पर किया जाने वाले व्यय निषेध है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आईपीसी अधिनियम 1951 धारा 126 किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के समापन के आखिरी 48 घंटे की अवधि के दौरान टेलीविजन या इसी तरह के उपकरण के माध्यम से किसी भी चुनाव मामले को प्रचार करने पर रोक लगाती हैं। धारा 126 के उपयुक्त प्रावधानों के उल्लंघन पर 2 साल की अवधि का करावास या दण्ड या दोनो हो सकते है।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री संतोष टैगोर, अनुविभागीय अधिकारी एवं सहायक रिटर्निग आफिसर श्री वीरेन्द्र कटारे, सिटी मजिस्ट्रेट सुश्री दिव्या पटेल, जिला विज्ञान अधिकारी श्री हिरालाल कन्नौज, पत्रकार दूरदर्शन/आकाशवाणी श्री सुनील सचान, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डा. गजेन्द्र उज्जैनकर, प्रो. आनंद रणदिवे सहित समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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