प्रदेश के अफसरों की लापरवाही से आया यूरिया संकट

मध्य प्रदेश में खाद और यूरिया की किल्लत को लेकर अभी भी राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।

भोपाल। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केँद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के किसानों की खाद यूरिया जानबूझकर रोक दी है। अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केंद्र सरकार को परेशानी हो रही है। 

अजय सिंह ने केंद्र को नसीहत दी है कि अगर एमपी के किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया तो लोकसभा में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अजय सिंह ने कहा कि बीजेपी ने 15 सालों तक कालाबाज़ारी की है। 

अजय सिंह ने  यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों के हित में कदम उठाना शुरू कर दिया है। एक हजार रुपए की पेंशन को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसका फायदा कांग्रेस को आने वाले लोकसभा चुनावों में ज़रूर मिलेगा, इस बार कांग्रेस 20 सीटों से ज़्यादा जीतेगी.

बता दें कि मध्य प्रदेश के कई जिलों से किसानों के लिए खाद और यूरिया कि किल्लतों की खबरें आ रही हैं। इसको लेकर जब पूरे प्रदेश से किसानों के प्रदर्शन की ख़बरें आईं तो सीएम कमलनाथ ने तत्काल कृषि विभाग के अफसरों की बैठक बुला ली। उन्होंने अफसरों के साथ मैराथन चर्चा की। इसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यूरिया के रेलवे रैक और खाद के लिए केंद्रियों मंत्रियों से बात की। 

रबी फसल के सीजन में प्रदेश के किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है। बीते पांच दिन से प्रदेश में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ एक्शन में आए। उन्होंने यूरिया के रेलवे रैक और खाद के लिए केंद्रियों मंत्रियों से बात की। पड़ताल में पता चला है कि एमपी के हिस्से की खाद-यूरिया राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भिजवा दिया गया है। 

यूरिया संकट के हालात प्रदेश के अफसरों की लापरवाही से बने हैं। केंद्र सरकार ने फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के लिए पोर्टल बनाया है, जिसमें नियमित स्टॉक की जानकारी देना पड़ती है। एमपी ने अब तक इस पोर्टल को अपडेट नहीं किया है। 

कांग्रेस का आरोप

केंद्र सरकार ने एमपी का 2.05 लाख मीट्रिक टन यूरिया रोका है। बीजेपी की हार का बदला केंद्र सरकार किसानों से ले रही है। वहीं कमलनाथ ने कहा है कि किसानों को यूरिया मुहैया कराने के लिए सरकार गंभीर है। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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