बैल (वृषभ) पर सवार होकर आएंगी माँ

धार। चैत्र नवरात्र 6 अप्रैल, शनिवार से शुरू हो रहे हैं। इन नौ दिनों में लोग शक्ति की आराधना करते हैं। उपवास के साथ ही विशेष अनुष्ठा किए जाते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार कौमारी रूप में नौदुर्गा बैल (वृषभ) पर सवार होकर आएंगी और 14 अप्रैल को शेर (सिंह) पर सवार होकर विदा होंगी। इसका विभिन्न राशियों पर असर पड़ेगा।

पंडितो के मुताबिक, चैत्र नवरात्र में देवी की निराकार रूप में पूजा-अर्चना होती है। नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना तथा व्रत पूजा के लिए संकल्प लिया जाता है।

अष्टमी और नवमी साथ-साथ आएगी

इस बार अष्टमी और नवमी एक साथ रहेगी। 13 अप्रैल को सुबह 11.41 बजे तक अष्टमी है। इसके बाद नवमी लग जाएगी। 14 अप्रैल को सुबह 9.35 बजे तक नवमी तिथि होगी।

हर दिन बनेगा शुभ संयोग

6 अप्रैल यानी नवरात्र के पहले दिन वैधृति योग और रेवती नक्षत्र में घट स्थापना होगी। दूसरे दिन यानी 7 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ रहा है। इसी तरह 8 अप्रैल तीसरे दिन रवि योग बन रहा है। 9 अप्रैल को चौथे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग है। 10 अप्रैल को पांचवें दिन लक्ष्मी पंचमी के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। 11 अप्रैल को छठे दिन रवियोग, तो 12 अप्रैल को सातवें दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। 13 अप्रैल को अष्टमी और नवमी का पूजन होगा। 14 अप्रैल को भी नवमी मानी गई है और उस दिन रवि पुष्य व सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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