मध्यप्रदेश में सरकार बदलते ही, भावांतर योजना के पैसे अटके

सरदारपुर, धार। तहसील के लेडगांव वाले किसानों को भावांतर योजना के अंतर्गत लहसुन और प्याज के पैसे नहीं मिले। किसानो ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से मुलाकात की एवं बताया कि मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्याज और लहसुन की प्रोत्साहन राशि पात्र लाभान्वित एवं पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में डाली जाना थी, मगर लंबे समय से इंतजार के बाद भी किसानों को लहसुन व प्याज का पैसा नहीं मिला।  इस लिए किसानों ने कलेक्टर महोदय के पास जाकर गुहार लगाई और बताया कि किसानों द्वारा जिस संस्था में प्याज व लहसुन को तोला गया था वहां के कई चक्कर लगाने के बाद किसानों को पता चला कि आपका पैसा कलेक्टर साहब के पास आ गया है। आचार संहिता व निर्वाचन के कार्य को लेकर पैसा रुक गया है। 

किसानों ने कलेक्टर साहब से मिलकर अटका पैसा जल्द से जल्द किसानों के खातों में डालने की गुहार लगाई। वहीं लेड गांव के किसान कृष्णा पाटीदार ने बताया कि मैंने करीब 50 क्विंटल लहसुन भावांतर योजना में बेची थी, जिसका सरकार द्वारा 8 सौ प्रति क्विंटल के मान से भावांतर का करीब 40 हजार रुपए बनते हैं, जो अब तक मेरे खाते में नहीं आया हैं, वहीं किसान महेश पाटीदार ने बताया कि मैंने करीब 75 क्विंटल लहसुन भावंतर में बेची थी जिसका भी पैसा अभी तक मेरे खाते में नहीं डला है, कहीं ऐसा तो नहीं कि प्रदेश में सरकार बदली तो सरकार का रुख भी बदल गया हो और किसानों का अटका पैसा वही अटक जाए।

वहीं गांव में एक कहावत चरितार्थ हो रही है कि भावंतर के भवर में उलझे किसान। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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