मध्य प्रदेश में कुल 65.5 पर्सेंट हुआ मतदान।

मध्य प्रदेश में कुल 65.5 पर्सेंट हुआ मतदान।

अधिकारियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कुल 65.5 पर्सेंट मतदान हुआ है।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को सभी 230 सीटों पर मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्‍न हो गया। जिन सीटों पर सभी की नजरें रहेंगी, उनमें मालवा-निमाड़ की 66 सीटें भी शामिल हैं। यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है। 2013 के चुनावों में भाजपा ने 66 में से 57 सीटों पर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस महज 9 सीटों पर सिमट गई थी। मध्यभारत क्षेत्र में 8 जिले और 36 विधानसभा सीटें आती हैं।

मालवा-निमाड़, मध्यभारत की 105 सीटें अहम :

मध्यप्रदेश में भाजपा पिछले 15 सालों से सत्ता में है। कांग्रेस उसे कड़ी टक्कर दे सकती है। वजह मालवा-निमाड़ और मध्य भारत की 105 सीटें हैं। अगर यहां वोट स्विंग होता है, तो फिर नतीजे किसी भी तरफ पलट सकते हैं। लगातार तीन चुनावों से यहां बढ़त बनाकर भाजपा सरकार बनाती आ रही है। 2013 में मालवा-निमाड़ की 66 सीटों में से भाजपा को 56 और कांग्रेस को नौ सीटें मिली थीं और अन्य के खाते में एक सीट गई थी। वहीं, मध्य भारत की 39 में से भाजपा को 32, कांग्रेस को छह और अन्य को एक सीट मिली थी।

मालवा-निमाड़ में बढ़त बनाकर उमा-शिवराज ने बनाई सरकार : 

1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मालवा-निमाड़ से 47 सीट जीतकर सरकार बनाई थी। तब कांग्रेस को 50% वोट मिले थे। भाजपा 44% वोट शेयर पाने के बाद भी 16 सीटें ही जीत पाई थी। इसी तरह 2003 में भाजपा ने 51 सीटें जीती थीं। उमा के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और वे सीएम बनीं। कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार को एंटीइंकम्बेंसी का सामना करना पड़ा था। पार्टी को सिर्फ 12 सीटें ही मिली थीं। 2008 में कांग्रेस को 24 सीटें जीतीं। वहीं, भाजपा के खाते में 41 सीटें गई थीं। भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने में कामयाब रही।

महिला मतदाता 2 करोड़ से ज्यादा

कुल प्रत्याशी:  2907.
मतदाता: 5 करोड़, 4 लाख से ज्यादा.
पुरुष मतदाता: 2 करोड़ 62 लाख.
महिला मतदाता: 2 करोड़ 41 लाख.
थर्ड जेंडर मतदाता: 1389.

2013 में मध्यप्रदेश में 70.8% मतदान हुआ था। वहीं, मिजोरम में 82.9% वोट डाले गए थे।

आप और सपाक्स का पहला चुनाव
भाजपा सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस ने एक सीट अपने साझेदार लोकतांत्रिक जनता दल को छोड़कर 229 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। आम आदमी पार्टी और सपाक्स ऐसी पार्टियां हैं, जो प्रदेश में पहली बार चुनावी मैदान में हैं। आप 207 सीटों, सपाक्स 109, बसपा 227, गोंगपा 73 और सपा 52 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

6 सीटों पर रहेगी नजर

1. बुधनी :  शिवराज सिंह (भाजपा) vs  अरुण यादव (कांग्रेस): शिवराज यहां से पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। अरुण पूर्व उप मुख्‍यमंत्री सुभाष यादव के बड़े बेटे हैं। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है। पहले सांसद रह चुके हैं।
2. होशंगाबाद: सीतासरण शर्मा (भाजपा) vs सरताज सिंह (कांग्रेस)। सरताज के कांग्रेस में शामिल होने पर यह सीट भाजपा के लिए काफी अहम हो गई है।
3. इंदौर : आकाश विजयवर्गीय (भाजपा) vs अश्विन जोशी (कांग्रेस)। आकाश, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं।
4. भोजपुर: सुरेंद्र पटवा (भाजपा) vs सुरेश पचौरी (कांग्रेस)।  पिछले चुनाव में पचौरी को पटवा ने 20,149 वोट से हराया था।
5. चाचौड़ा : ममता मीणा (भाजपा) vs लक्ष्मण सिंह (कांग्रेस)। लक्ष्मण सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं।
6. विजयराघवगढ़: संजय पाठक (भाजपा) vs (पद्मा शुक्ला)। पाठक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए है। पाठक सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। वहीं, पद्मा ने पिछले दिनों भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली है।

मोदी ने 10, राहुल ने 21 तो शिवराज ने 149 सभाएं कीं 
प्रधानमंत्री मोदी ने 10, तो अमित शाह ने 23 सभाएं और 6 रोड शो किए। वहीं, राहुल गांधी ने 21 सभाएं और दो रोड शो किए। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 149 सभाएं और करीब एक दर्जन रोड शो किए। कमलनाथ ने 55, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 110 सभाएं और 12 रोड शो किए। शाह ने अपने दौरों में महाकाल, मैहर सहित कई मंदिरों में पूजा अर्चना की। वहीं राहुल ने महाकाल, दतिया के पीतांबरा पीठ के दर्शन किए। ग्वालियर प्रवास के दौरान उन्होंने मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा में भी मत्था टेका।

 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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