महाजन का सवाल- क्या सिर्फ आरक्षण देते रहने से होगा उद्धार ?

महाजन का सवाल- क्या सिर्फ आरक्षण देते रहने से होगा उद्धार ?

राकेश साहू ( मार्गदर्शक )—

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का सवाल- क्या सिर्फ आरक्षण देते रहने से होगा उद्धार !

भोपाल :- चुनाव के मौसम में फिर आरक्षण की चर्चा गर्म हो चली है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वे आरक्षण की विरोधी नहीं हैं लेकिन ये सोचना जरूरी है कि क्या केवल आरक्षण देते रहने से हमारे देश का उद्धार संभव हो सकेगा? उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने केवल 10 साल आरक्षण देने की बात कही थी ताकि समाज के पिछड़े लोग भी सबके साथ खड़े हो सकें।

        उन्होंने कहा कि क्या उनके सामूहिक उत्थान की कल्पना पूरी हुई, क्या इस पर कभी चिंतन हुआ? लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन लोकमंथन 2018 के समापन समारोह की मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। वहीं इस पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आई है और पार्टी ने कहा है कि लोकसभा स्पीकर राजनीति न करें।

        सुमित्रा महाजन ने रविवार को कहा कि बतौर भारतीय, हरेक व्यक्ति को देश के बारे में सोचना चाहिए और इस पर विचार करना चाहिए कि कैसे उसकी संस्कृति और सभ्यता को आगे ले जाया जा सकता है। उन्होंने यहां चार दिवसीय ‘लोकमंथन’ कार्यक्रम के आखिरी दिन अपने समापन संबोधन में कहा कि दुनिया भारतीय संस्कृति को सम्मान की नजर से देखती है। लेकिन क्या हम इस ओर देख रहे हैं कि यह आत्मनिरीक्षण का मामला है।

         लोकसभा अध्यक्ष ने इस लोकमंथन में बुद्धिजीवियों द्वारा भारत के निर्माण पर तीन दिन तक विचार मंथन करने की प्रशंसा की जिसका ध्येय वाक्य जन गण मन है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाये जाने पर अफसोस प्रकट किया कहा कि वे ऐसा कर टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी करते हैं, ‘‘इस विषय पर ‘राष्ट्रभावना होनी चाहिए।’’

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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