मातृत्व प्रेम का सप्ताह एक अगस्त से मनाया जायेगा

मातृत्व प्रेम का सप्ताह एक अगस्त से मनाया जायेगा

खरगोन। मां का दुध सभी नवजात शिशुओं के लिए अमृत की तरह की होता है। डॉक्टर्स भी माताओं को मां बनने पर सबसे पहली यहीं नसीहत देते है की सबसे पहले बच्चे को माँ का दूध ही पिलाया जाय। वर्ल्ड एलायंस फॉर ब्रेस्टफिडिंग ने मां के दुध को प्रत्येक नवजात बच्चें के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह वर्ष 1992 से प्रारंभ किया है। विश्व स्तनपान सप्ताह एक अगस्त से सात अगस्त तक मनाया जाता है।

डॉ. रमेश नीमा ने बताया कि बढ़ते बच्चे के विकास के लिए जरूरी तत्व सिर्फ माँ के दूध में होते हैं। इसमें मौजुदा लैक्टोफैरिन शरीर को आयरन देता हैं, और पेट को बैक्टीरिया रहित रखता हैं। लायपासेस नामक तरल पदार्थ पाचन तंत्र को दुरूस्त रखता हैं। यह प्यास बुझाने के साथ ही शिशु का पेट भी भरता हैं। मां का दूध शिशु का पहला टीका माना जाता हैं। इसमें शरीर की प्रतिरक्षण बढ़ाने की क्षमता होती हैं। शुरूवाती दूध को कोलस्ट्रम कहते हैं। किसी भी प्रकार की एलर्जी से पीड़ित शिशु स्तनपान द्वारा ठीक हो सकता हैं। स्तनपान कर रहे शिशुओं का विकास तेजी से शुरू होता हैं। डब्ल्यूएबीए का मानना हैं कि इसका असर शिशु के व्यवहार पर पड़ता हैं, इससे मस्तिष्क और रैटिना का भी बेहतर विकास होता हैं।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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