मिल सकता है चिटफंड कंपनियों मैं फसा जनता का जमा पैसा

सर्व हित महा कल्याण के पुरजोर प्रयास से चिटफंड कंपनियों के पैसे मिलने की आसार दिखाई दे रहे हैं

कमल गिरी गोस्वामी (81209 58512 ) 

धार। सर्वहित महा कल्याण वेलफेयर फाउंडेशन पिछले 2 वर्षों से लगातार पुरजोर प्रयास कर रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई जो कंपनियों के मालिकों ने लेने के बाद हाथ खड़े कर दिए हैं। संपूर्ण मध्यप्रदेश में लगभग 100 से अधिक कंपनियां धारा 156 के अंतर्गत शासन की अनुमति से संचालित हो रही थी, इन कंपनियों ने पूरे मध्यप्रदेश में अरबों रुपए का व्यापार किया जो कि मध्य प्रदेश सरकार के संरक्षण में ही किया गया इन कंपनीयों ने धन दोगुना करने के लालच देकर भोले भाले गरीब व्यक्तियों को अपना निशाना बनाया व् धन दोगुना के लालच में ही मध्यम वर्गीय परिवार व गरीब व्यक्ति इन कंपनियों से जुड़े, अपने खून पसीने की मोटी कमाई इन कंपनियों के हाथों में सौंप दी। जब धनवापसी का समय आया तो इन कंपनियों को सरकार द्वारा बंद करवाकर कंपनी मालिकों को जेल भेज दिया गया है और सभी ऑफिसों में ताले जड़ दिये इतना ही नहीं इन कंपनियों की चल अचल संपत्ति को सरकार द्वारा कुर्क किया जा रहा है। जबकि मध्य प्रदेश में लगभग 2 करोड़ से अधिक निवेशक है, और लगभग 50लाख से ज्यादा अभिकर्ता इन कंपनियों में कार्यरत थे। 

       निवेशको व अभिकर्ताओं द्वारा इसकी शिकायत शासन व प्रशासन से की गई तब जाकर  कंपनियों की जांच करवाई गई जांच में इन कंपनियों के विरुद्ध धोखाधड़ी जालसाजी जैसे सभी मामले दर्ज हुए व इन कंपनियों के मालिकों को पर कानूनी कार्रवाई कर जेल में डाल दिया गया एवं उनकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया फिर भी आज तक निवेसकों को उनकी जमा पूंजी उन्हें नहीं मिल पाई है।

     पूरे प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा अभिकर्ता एवं दो करोड़ से अधिक निवेशक हैं, यह लगभग दो वर्षों से अपनी जमा पूंजी लेने के लिए धरना प्रदर्शन व् ज्ञापन दे रहे हैं, इसी के चलते जब कमलनाथ जी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे तब उनका धार आगमन हुआ था 16-8-2018 को मिलन महल में सर्वहित संगठन के सेकड़ो कार्यकर्ताओ के द्वारा ज्ञापन दिया गया था,

चित्र में सैकड़ों की संख्या में ज्ञापन देने जाते अभिकर्ता गण एवं साइड में मंच पर कमलनाथ जी अजय जी से चर्चा करते संगठन के पदाधिकारी।

साथ ही संगठन ने यह मांग की थी कि यदि कांग्रेस अपने आगामी चुनाव में अपने घोषणापत्र में यह बात स्वीकार करती है कि सरकार बनने के बाद निवेशको कि धनवापसी करवाएगी तो संपूर्ण मध्यप्रदेश में जितने भी अभिकर्ता व निवेशक हैं, वे सभी कांग्रेस पार्टी का समर्थन करेंगे व कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ही अपना मतदान करेंगे, तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार अवश्य ही निवेशकों के धनवापसी करवाने का पुरजोर प्रयास करेगी और इसी के चलते संपूर्ण प्रदेश में लगभग तीन करोड़ निवेशको व अभीकर्ताओ ने एकजुट होकर कांग्रेस सरकार को विजय दिलाने में पुरजोर प्रयास किया। और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। 

     इसी के मध्येनजर कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में ये बिंदु भी अंकित किया था कि सभी चिटफंड कंपनियों में जमा पैसा निवेशकों को दिलवाया जाएगा। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस सरकार अपने वादों पर कितनी खरी उतरती है हालांकि जब से कमलनाथ जी ने मुख्यमंत्री का पदभार संभाला है जब से अपने घोषणापत्र के समस्त बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। 

     छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार ने डीआईजी लेवल की टीम गठित कर चिटफंड कंपनियों की जांच भी शुरू करवा दी है। परंतु मध्य प्रदेश अभिकर्ता एवं निवेशक अभी भी कमलनाथ सरकार से आस लगाए बैठे हैं। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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