आयोग द्वारा हटाए गए अधिकारियों की वहीं पदस्थापना

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की संवेदनशीलता, शिक्षक का निलंन किया निरस्त

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने उनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक मुकेश तिवारी का निलंबन समाप्त करने के निर्देश जबलपुर कलेक्टर को दिये हैं। उन्होंने कहा है कि शिक्षक के पद पर आने के लिए मेहनत और तपस्या लगती है। सबसे महत्वपूर्ण है वह परिवार, जो उन पर आश्रित है। इसलिए मैं भावावेश में की गई टिप्पणी के लिए शिक्षक मुकेश तिवारी को माफ करता हूँ।

   मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है। मैं ऐसा मानता हूँ और मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूँ। शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए शिक्षक का यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। कमल नाथ ने कहा कि दूसरी और मैं यह सोचता हूँ कि शिक्षक ने इस पद पर आने के लिए कितने वर्षों तक तपस्या और मेहनत की होगी। उन पर एक परिवार भी आश्रित होगा। निलंबन से उनके सहित परिवार को परेशानी से गुजरना पड़ सकता है। यह सब मेरे विरुद्ध की गई टिप्पणी से हो, यह मैं नहीं चाहता। उनके निलंबन की कार्रवाई नियमों के हिसाब से सही हो सकती है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से शिक्षक मुकेश तिवारी को माफ करना चाहता हूँ। मैं नहीं चाहता कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई हो। श्री नाथ ने कहा की एक शिक्षक का काम होता है समाज का निर्माण करना। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना। उन्होंने शिक्षक मुकेश तिवारी से अपेक्षा की कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर विशेष ध्यान देंगे।

   मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि शिक्षक मुकेश तिवारी का निलंबन तत्काल समाप्त हो और उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही ना हो। मुकेश तिवारी स्वयं तय करें कि उन्होंने जनता द्वारा चुनी गई सरकार के मुख्यमंत्री के लिए जो कहा है, वह उचित है या अनुचित। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्ष में जो कुछ हुआ, उसे मैं बदले की भावना से नहीं लेना चाहता। बस इतना विश्वास दिलाता हूँ कि हम बदले की भावना से कोई भी काम नहीं करेंगे और ना ही अब किसी को प्रताड़ित करेंगे।

Follow Us

सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

%d bloggers like this: