राज्य शासन ने किया विवादित प्राचार्य का ट्रांसफर जिले से बाहर

राज्य शासन ने किया विवादित प्राचार्य का ट्रांसफर जिले से बाहर

राज्य शासन ने किया विवादित प्राचार्य का ट्रांसफर जिले से बाहर।
पदस्थापना से ही रहे विवादित व भ्रष्टाचार में लिप्त।

धार। शासकीय बालक उमावि कैसूर, संकुल केंद्र कैसूर के विवादित प्राचार्य ओमप्रकाश अग्रवाल को राज्य शासन ने स्थानांतरण ट्रांसफर जिले से बाहर करते हुए अपने आदेश क्रमांक /1340/ 2635/ 2019/ 25/ 01 भोपाल दिनांक 24 अगस्त 2019 द्वारा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डिंडोरी के विकल्प पर तत्काल प्रभाव से प्रशासकीय रूप से स्थानांतरित कर दिया है। स्थानांतरण आदेश आने के बाद प्राचार्य अग्रवाल सोमवार को विद्यालय से गायब रहे और उठापटक में लग गये है, तथा येनकेन प्रकारेण स्थानांतरण निरस्त अथवा संशोधन कराने की जुगाड़ में है।

जनचर्चा के अनुसार प्राचार्य अग्रवाल को भनक थी की उनका शिकायती स्थानांतरण होने वाला है, और उन्होंने अपनी मनचाही जगह पकड़ने के लिए किसी को सुपारी भी दे दी थी लेकिन विभाग इनकी कारगुजारियों से भलीभांति वाकिफ था और अग्रवाल की एक नहीं चली तथा अग्रवाल को का ट्रांसफर जिले से बाहर करते हुए दूरस्थ जिले डिंडोरी में भेजा गया। वर्षाें पूर्व भी अग्रवाल उमरबन में बीईओ (BEO) के पद पर रहे थे और वहां से भी रातों रात इनको जिले से बाहर स्थानांतरित करके खंडवा भेजा गया था। वहां भी इनके विरूद्ध अनेकों शिकायतें थी। जनचर्चा अनुसार उमरबन में अग्रवाल एक गंभीर प्रकरण में फंस गये थे जिसमें अच्छी खासी रकम खर्च करने के बाद बमुष्किल बच कर। निकले थे।

विदित हो कि कैसूर में विगत वर्षाें में प्राचार्य अग्रवाल अपनी कार्यशैली को लेकर विवादित रहे है। विज्ञान एवं पुस्तकें क्रय करने के प्रकरण में इनके विरूद्ध लोकायुक्त में भी प्रकरण दर्ज हुआ था और इनकी तीन वेतनवृद्धियां आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक 3818 दिनांक 14 फरवरी 2019 को रोकी गई थी। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा भी इन्हें स्वैच्छाचारिता व आदेशो की अव्हेलना करने के आरोप में चेतावनी भी दी जा चुकी है। इनके विरूद्ध अनेकों जांचें चल रही है। अपात्र जनशिक्षक के साथ खाता खोलकर हजारों रूपए आहरित करने के मामले में भी जांच लंबित है। विगत वर्ष में प्राचार्य अग्रवाल द्वारा संकुल की सारी व्यवस्था तहसनहस कर दी गई थी तथा पढ़न पाठ़न का माहौल खत्म हो गया था। आए दिन अग्रवाल चंद चाटुकार शिक्षकों के साथ मिलकर षड़यंत्र रचते रहते थे।

नाम न छापने की शर्त पर ग्राम के लोगों व शिक्षकों ने बताया कि अग्रवाल का ध्यान स्कूल से अधिक षड़यंत्र रचने में रहता था। हायर सैकेण्डरी विद्यालय कैसूर का कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम भी इस वर्ष अत्यधिक निराशाजनक होकर 54 प्रतिशत ही रहा था।

पुलिस थाने में भी हुई थी पेशी।

पत्रकारों को धमकाने के मामले में पत्रकारों द्वारा पुलिस अधीक्षक को भी विवादित प्राचार्य अग्रावल की शिकायत लिखित में की गई थी जिसपर अग्रवाल की धार पुलिस थाने में भी तारीख पेशीयां लगी थी। अपने खिलाफ भ्रष्टाचार की खबर मयप्रमाण के छपने के बाद यह पत्रकारों के घरों की महिलाओं की आरटीआई स्वयं के नाम से लगाकर उनपर दबाव बनाने का प्रयास अग्रवाल करता था। इससे लगता है कि अग्रवाल कितने निम्नस्तर पर उतर जाया करते थे।

राकेश साहू कार्यकारी संपादक—

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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