राठौड़ समाज मे नेत्रदान व रक्तदान परम्परा बनती जा रही है,

राठौड़ समाज मे नेत्रदान व रक्तदान परम्परा बनती जा रही है,

जीराबाद ग्राम का पहला नेत्रदान राठौड़ परिवार से, भीकमचंद्र राठौड़ के नेत्रदान से दो जिंदगियां होगी रोशन,

जीराबाद ( धार ) :- आँखो के बिना है जीवन मे अंधियारा, रोशनी मिल जाये किसी की आखों से, तो हम भी देख ले ये संसार सारा ……
ये पंक्तियां है उनकी जिनके जीवन में है अंधकार और इसी अंधकार को मिटाने का प्रयास कर रहा है राठौड़ समाज।
राठौड़ समाज के युवा प्रकोष्ठ सम्भागीय अध्यक्ष विजय राठौड़ ने बताया कि उन्हें बुधवार दोपहर को राकेश राठौड़ से जानकारी मिली कि जीराबाद में समाजसेवी भीकमचंद्र राठौड़ (45 वर्ष) का आकस्मिक देहांत हो गया ।
         राठौड़ ने भीकमचंद्र राठौड़ के भाइयो नेमीचंद राठौड़, भगीरथ राठौड़ व भांजे संजय राठौड़ को नेत्रदान करवाने के लिए प्रेरित किया ।
नेत्रदानी भीकमचंद राठौड़ की पत्नी दुर्गा बाई राठौड़, दोनो पुत्रो नितिन राठौड़ व नवीन राठौड़ ने दुःख की घड़ी में भी साहस रखते हुए मानवता के लिए नेत्रदान की सहमति दी ।
        रोटरी क्लब धामनोद के सचिव प्रकाश राठौड़, नेत्र चिकित्सक मोहन जायसवाल, वार्ड बाय सुरेंद्र सिंह मण्डलोई शासकीय अस्पताल धामनोद व नेत्र चिकित्सक प्रवीण पॉल शासकीय हॉस्पिटल मनावर ने परिवार के सहयोग से नेत्रदान प्रक्रिया सम्पन्न करी व कार्निया एम के इंटरनेशनल आई बैंक इंदौर भिजवाया ।
        सम्भाग अध्यक्ष विजय राठौड़ ने बताया कि राठौड़ समाज मे नेत्रदान व रक्तदान परम्परा बनती जा रही है पिछले तीन वर्षों में समाज मे 50 से अधिक मरणोपरांत नेत्रदान हो चुके है ।पगड़ी कार्यक्रमो में स्वैक्षिक रक्तदान शिविर आयोजित किये जा रहे है ।
नेत्र चिकित्सक डॉ प्रवीण पाल मनावर ने बताया की मृत्यु पश्चात 5 घण्टे तक नेत्रदान प्रक्रिया सम्पन्न की जा सकती है ।
        अंतिम संस्कार जीराबाद के स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया बड़ी संख्या में समाजबन्धु, परिवारजन और गणमान्य नागरिक शामिल हुए ।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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