विभिन्न रूपों में 9 दिन दर्शन देंगे महाँकाल

विभिन्न रूपों में 9 दिन दर्शन देंगे महाँकाल

उज्जैन। महाँकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर में रविवार से शिवनवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। भगवान महाँकाल को नों दिनों तक हल्दी लगाकर दूल्हा बनाया जायेगा। पश्चात प्रतिदिन नवीन वस्त्र धारण कराकर भगवान महाँकाल की विशेष आरती होगी। 9 दिनों तक भगवान का अनेक रूपों में श्रृंगार होगा। मंदिर की परंपरा अनुसार शिवनवरात्र में होने वाले भगवान के विशेष अभिषेक, पूजन व श्रृंगार के कारण भगवान के भोग आरती व संध्या पूजन के समय में परिवर्तन होगा। दूल्हा बने महाँकाल राजा के निराले रूप के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेंगी। देश विदेश से बाबा महांकाल के इस अद्भुत रूप के दर्शन के लिए दर्शनार्थी पहुंचेंगे और दर्शन लाभ लेंगे। दर्शनार्थियों की भीड़ वैसे तो पुरे वर्ष लगी रहती है, परन्तु शिवनवरात्रि के समय प्रातः कॉल से लेकर देर रात्रि तक लाखों की संख्या में प्रतिवर्ष यहाँ भक्तो की अधिक भीड़ दिखाई देती है। 

मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया की शिवनवरात्र के पहले दिन आज रविवार को सुबह नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन हुआ। पश्चात कोटितीर्थ के समीप स्थित भगवान कोटेश्वर व रामेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन किया गया। इसके बाद गर्भगृह में 11 ब्राह्मण पुजारीयों द्वारा भगवान का अभिषेक कर एकादश-एकादशनी रूद्र पाठ हुआ। और अब दोपहर में करीब 2 बजे भोग आरती होगी। दोहपर 3 बजे संध्या पूजा के बाद भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे। पहले दिन भगवान को सोला, दुपट्टा व जलाधारी पर मेखला धारण कराई जाएगी। रजत आभूषण से शृंगार होगा। बता दें की आम दिनों में सुबह 10.30 बजे भोग आरती तथा शाम को 5 बजे संध्या पूजा होती है।

मंदिर की परंपरा अनुसार शिवनवरात्रि में ग्वालियर के पं. रमेश कानड़कर ढोलीबुआ नारदीय संकीर्तन से कथा करेंगे। मंदिर परिसर स्थित मार्बल चबूतरे पर कथा का आयोजन होगा।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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