शहरों में नहीं दिखना चाहिए एक भी लावारिस गौ-वंश, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री

शहरों में नहीं दिखना चाहिए एक भी लावारिस गौ-वंश, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री

‘शहरों में एक भी लावारिस गौ-वंश नहीं दिखना चाहिए’।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने की गौ-शाला संचालकों से चर्चा। 

भोपाल। नगरों में ऐसा अभियान संचालित करें कि एक भी लावारिस गौ-वंश नहीं दिखे। सड़क पर गौ-माता को छोड़ने वाले पशुपालकों के विरूद्ध लगने वाले जुर्माने की राशि बढ़ायी जाये। सड़क से लेकर गौ-शाला तक गौ-वंश काे पहुँचाने और उनकी देख-रेख का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाये। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने यह बातें नगरीय निकायों के पास संचालित गौ-शालाओं के संचालकों के साथ चर्चा में कही।

गांधी जयंती पर होगा 12 गौ-शालाओं के साथ एमओयू

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर 12 शहरों में स्थित गौ-शालाओं के साथ नगरीय निकाय एमओयू करेंगे। एमओयू नगरीय निकाय भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, कटनी, सागर, टीकमगढ़, पन्ना, अशोकनगर, विदिशा, गंजबासौदा और आरोन करेंगे। श्री सिंह ने कहा कि एमओयू में गौ-शाला संचालकों द्वारा दिये गये सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।

श्री सिंह ने कहा कि गौ-शालाओं को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और स्वच्छता अभियान से भी जोड़ा जायेगा। इनके द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन की व्यवस्था भी की जायेगी।

अलग-अलग रंग के लगेंगे टैग

पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि गौ-शाला के पशुओं और पशुपालकों के पशुओं को अलग-अलग रंग के टैग लगाये जायें। श्री यादव ने बताया कि गौ-शालाओं को प्रति पशु, प्रति महीना 20 रूपये दिये जायेंगे। यह राशि हर तीन माह में दी जायेगी।

अपर मुख्य सचिव पशुपालन मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि गौ-शालाओं के मृत पशुओं के निष्पादन के लिये एडवाइजरी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि गौ-शालाओं में अब बिजली का कामर्शियल चार्ज नहीं लगेगा। सोलर पैनल लगवाने पर भी विचार किया जा रहा है।

बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि, संचालक टाउन एवं कंट्री प्लानिंग श्री राहुल जैन और उप सचिव नगरीयप्रशासन एवं विकास श्री मनीष सिंह उपस्थित रहे।

धार शहर के नज़ारे

शाम 4 बजे त्रिमूर्ति चौराहे पर बीच सड़क पर बैठी गाय।

जहां एक और शासन प्रशासन के द्वारा गौ-वंश पालन व गौ-वंश संरक्षण के लिए कई नई योजनाएं लागू की जा रही है, साथ ही अधिकारियों को अभियान चलाकर शहरों में एक भी लावारिस गौ-वंश नहीं दिखाई दिए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं धार शहर के मुख्य एवं व्यस्ततम चौराहे जोकि जिला मुख्यालय से सटा हुआ है, जहां पर दिनभर अधिकारियों का आवागमन लगा रहता है, उसी मुख्य चौराहे पर बीच सड़क लावारिस गौ-वंश बैठे हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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