शिक्षा मित्र पोर्टल नहीं चलने से कई बच्चों के प्रवेश रुके

एम शिक्षा मित्र बनी आरटीई के बच्चों के प्रवेश में बाधक…

संवाददाता – विजयपाल सिंह राठौर। 

रतलाम – सैलाना। गरीब परिवारो के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बनी शिक्षा का अधिकार अधिनियम योजना आज उन्हीं बच्चों के लिए रास्ते का रोड़ा बनती नजर आ रही है। सत्र 2019 – 20 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में ऑनलाइन लॉटरी के पश्चात बच्चे की स्कूल में प्रवेश लेने की तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई थी। जिसमे प्रवेश प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से की जानी थी। एम शिक्षा मित्र पोर्टल पर बच्चों की फोटो खींचकर प्रवेश प्रक्रिया को संपन्न करना था, परंतु शिक्षा पोर्टल द्वारा क्यूआर कोड स्कैन नहीं किए जाने से कई बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी ऐसे में 20 जुलाई अंतिम दिनांक होने के पश्चात अन्य कोई विकल्प नहीं होने से कई बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया अधर में लटक गई है।

यह थी प्रवेश प्रक्रिया

एडमिशन लेने के लिए बच्चों का साला में भौतिक रूप से उपस्थित होना एवं एप का उपयोग कर फोटो खिंचवाना अनिवार्य था। ऑनलाइन ऐडमिशन रिपोर्टिंग हेतु सबसे पहले विद्यालय द्वारा क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया को संपन्न करना था तथा छात्र की उपस्थिति दर्ज करवाना थी। परंतु एम शिक्षा मित्र एप्लीकेशन के सुचारू रूप से कार्य नहीं किए जाने के बाद प्रवेश प्रक्रिया इस माध्यम से पूर्ण नहीं हो पा रही है।

क्या कहते है जिम्मेदार अधिकारी

इस संबंध में खंड स्त्रोत समन्वयक शिक्षा अधिकारी दोहरे सर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि इस सत्र में प्रवेश प्रक्रिया एम शिक्षामित्रों के माध्यम से संपन्न होनी थी। सैलाना विकासखंड में लगभग 22 छात्रों को प्रवेश पूर्ण नहीं हो पाए हैं। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए अशासकीय विद्यालयों को निरंतर दबाव बनाया जा रहा है। ताकि बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो सके, लेकिन एम शिक्षा मित्र एप्लीकेशन की शिकायतें भी प्राप्त हो रही है। जिसकी जानकारी जिला अधिकारियों को दे दी गई है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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