संकुल प्रभारी व स्कूलों के प्रधानाध्यापक नहीं दे रहे ध्यान (बच्चों की जान जोखिम में)

कमल गिरी गोस्वामी-

धार। सर्व शिक्षा मिशन के तहत स्कूलों में जरुरी निर्माण के लिए प्रतिवर्ष आती है राशि पर संकुल प्रभारी व स्कूलों के प्रधानाध्यापक नहीं दे रहे ध्यान। 

      जिले में मुख्य सड़क मार्गो के किनारे बने शासकीय प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में बाउंड्रीबाल नहीं है। जिससे इन स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में है। हालत यह है कि इन दिनों सड़क मार्गों पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों के कारण प्रतिदिन दुर्घटनाएं घटित हो रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों के खेलते हुए अचानक सड़क मार्गों पर पहुंचने से कभी भी गंभीर घटना घटित हो सकती है। जिले में करीब सैकड़ो प्राइमरी व मिडिल स्कूल बिना बाउंड्रीवाल के है, जिनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है तो शहरी क्षेत्रों में भी हाइवे कि नारे के स्कूलों की बाउंड्रीवाल अब तक नहीं बन सकी।

धार से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर जेतपुरा में स्थित माध्यमिक विद्यालय अधिकारियों की अनदेखी का प्रतीक। 

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेतपुरा में बना प्राइमरी स्कूल इसका प्रमाण है। इस स्कू ल के सामने से प्रतिदिन हजारों हल्के व भारी वाहन निकलते है। यह अत्यंत व्यस्त सड़क मार्गों में शामिल है। पर जिला शिक्षा केन्द्र इस समस्या की ओर से अनजान बना हुआ है। शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण पिछले दिनों भी कई बच्चे हादसे का शिकार हो चुके है।

जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थित कई ऐसे सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल है जहां बाउंड्रीवाल नहीं बनी है।

ग्राम धरावरा का प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय जहाँ 3 सौ से अधिक बालक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। 

धार गुजरी मार्ग पर कई ऐसे स्कूस्कूल है, हाइवे से सट कर बने प्राइमरी स्कूलो में बाउंड्रीवाल नहीं बनी है। ग्राम धरावरा में स्कूल परिसर पूरी तरह से खुला है। सड़क के कि नारे हैंडपंप भी लगा है। शौचालय भी स्कू ल के कक्षों से सटकर सड़क से महज 10 मीटर दूरी पर बने है। खेल मैदान भी सड़क से सटा हुआ है। यहां स्कूल में अध्ययन व खेल कूद के दौरान बच्चे अचानक सड़क पर पहुंच जाते है। जिससे यहां हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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