सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री, मैं घोषणा नहीं सीधे आदेश जारी करता हूं

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि”शिक्षक काँग्रेस” के सुझाव व परामर्श से  शिक्षकों  की समस्याओं को हल करे सरकार।

धार। विगत दिवस राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त  संगठन मप्र शिक्षक काँग्रेस का प्रांतीय सम्मेलन भोपाल में आयोजित हुआ। समारोह में 6मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं विशेष अतिथि पूर्व8 मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह, गृह मंत्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, विधि एवं जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा जी, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह, खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल, चिकित्सा मंत्री तुलसी सिलावट सहित प्रदेश के अनेक विधायक मौजूद रहे।

उक्त जानकारी देते हुुए शिक्षक कांग्रेस के इंदौर संभागीय अध्यक्ष डॉ स्मृति रत्न मिश्र ने बताया कि संगठन के संरक्षक पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा के निर्देशन में  संगठन प्रभारी, काँग्रेस कमेटी के शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ट के प्रदेशाध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी एवं प्रांताध्यक्ष निर्मल अग्रवाल के संयोजन में प्रदेश के लाखों शिक्षकों की जायज एवं वर्षों से लंबित मांगो को मुखरताके साथ सरकार एवं शिक्षक के मध्य सीधा सार्थक सारगर्भित संवाद करते हुए रामनरेश त्रिपाठी के द्वारा रखा गया।  जिनमे प्रमुख सहायक शिक्षकों, शिक्षकों को उनके क्रमोन्नति के प्राप्त पदनाम दिए जाने, गुरुजियों को नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता दिए जाने, अध्यापक संवर्ग से राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त हुए शिक्षकों को शीघ्र ही सातवां वेतनमान दिया जाकर इन्हें भी सहायक शिक्षक, शिक्षक एव व्याख्याता का पदनाम दिए जाने, अतिथि शिक्षकों को योग्यता एवं अनुभव के आधार पर शासकीय शिक्षक बनाये जाने, विधानसभा में दशहरा एवं दीपावली अवकाश के सम्बंध में पारित अशासकीय संकल्प को आदेश के रूप में जारी किए जाने, अनुकम्पा नियुक्ति के सरलीकृत नियम बनाते हुए आदेश जारी किए जाने सहित प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक अधिकारियों के द्वारा बेकार की योजनाएं बनाकर  छात्रों को अध्यापन कराने की प्रायोगिक विधियों को समाप्त कर पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षकों से बेकार के कार्यों पर त्वरित रोक लगाने सम्बन्धी बातें कही गईं।

उक्त माँगो को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी के द्वारा शतप्रतिशत स्वीकार किये की बात मंच से मुख्यमंत्री  से कही गयी तथा अपेक्षा की गई कि शीघ्र ही इनके आदेश जारी किये जावें। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के द्वारा   मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों को मंच से कहा गया कि शिक्षक कांग्रेस द्वारा विगत 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद भी शिक्षक काँग्रेस ने अपनी सक्रियता एवं शिक्षकों हितैषी गतिविधियों के साथ अपनी संघर्ष यात्रा जारी रखी है और हम स्वीकार करते हैं कि इन्हीं के सहयोग से आज मप्र में काँग्रेस की कमलनाथ की सरकार स्थापित है।

अतः सरकार का भी यह धर्म बनता है कि हम शिक्षक काँग्रेस के सुझाव एवं परामर्श को स्वीकार करते हुए कार्य करें। कमलनाथ ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों को निराश न करते हुए स्वयं को घोषणावीर मुख्यमंत्री से पृथक करते हुए यह वचन दिया कि जिस प्रकार से मैंने शिक्षकों के स्थानांतरण, अध्यापकों की सेवा शर्ते, कर्मचारियों की हड़ताल अवधि का वेतन तथा अन्य कार्य बिना किसी  घोषणा के सीधे आदेश के रूप में जारी किया है, उसी क्रम में आपके द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन   की मांगें शीघ्र ही आदेश के रूप में आप तक पहुँचेगे।

धार जिले से भी संभागीय अध्यक्ष डॉ स्मृति रत्न मिश्र के नेतृत्व में शिक्षकों ने प्रांतीय सम्मेलन में भाग लिया। भाग लेने वालों में प्रमुखरूप से शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, सचिव  विजय शिंदे, उपाध्यक्ष शिव नारायण डावर, कृष्ण कांत सोनी, संभागीय सचिव अरुण सचान, शिक्षा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अशोक रघुवंशी, शिक्षा प्रकोष्ठ सरदारपुर के तहसील अध्यक्ष प्रेम कुमार वैद्य, गंधवानी के तहसील अध्यक्ष गिरीश वैष्णव, विजय गौतम, श्रीकांत जोशी, विष्णु कुमार कुमारिया, परितोष उपाध्याय, शैलेश मालवीय, मुन्नालाल ग्रेवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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