सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे रखने या बेचने पर रोक

सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे रखने या बेचने पर रोक

पुलिस ने युवाओं को सोशल मीडिया के ज़रिए यह संदेश फैलाने को कहा है, कि लोगों को सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपड़े पहनने को फैशन नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि इसका फ़ायदा आतंकी या देश विरोधी तत्व किसी बड़ी घटना को आजम देने के लिए उठा सकते है। 

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में लगातार बड़ रही आतंकी वारदातों से निपटने के लिए अब पुलिस ने ज़िले में आम लोगों को सेना की वर्दी से मिलते जुलते कपडे पहनने पर रोक लगाई है। साथ ही पुलिस ने निर्देशित करते हुए सेना की वर्दी बेचने के इच्छुक दुकानदारों को पहले पुलिस से पंजीकरण करने को कहा है। 

गौरतलब है कि जम्मू का किश्तवाड़ जिला वर्ष 2018 के नवंबर महीने में उस समय सुर्खियों में आया था जब कुछ अज्ञात लोगो ने प्रदेश के बीजेपी के महासचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजित परिहार की गोली मार कर हत्या कर दी थी। 

इस घटना के बाद जहां पूरे ज़िले में तनाव था तो स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने कर्फ्यू तक लगा दिया था। घटना के बाद किश्तवाड़ ज़िले में आतंक के दोबारा सिर उठाने और आतंकी गतिविधिया दोबारा बढ़ने की खबरे भी आने लगी। लेकिन, इससे पहले कि पुलिस परिहार बंधुओं के हत्यारो तक पहुंच पाती इलाके में एक और हत्या ने सनसनी मचा दी। 

इसी साल 9 अप्रैल को ज़िले में आरएसएस के बड़े नेता चंद्रकांत शर्मा और उनकी सुरक्षा में तैनात एक पुलिस जवान की कुछ आतंकियों ने दिन दहाड़े हत्या कर दी। इस घटना के बाद तीन महीने बाद भी पुलिस चंद्रकांत के हत्यारों को ढूंढ़ने में नाकाम है। वहीं परिहार के हत्यारो का भी अभी तक कुछ पता नहीं चला है। 

सुरक्षा एजेंसियो के मुताबिक इलाके में आतंकियों और उनके मददगारों की संख्या बड़ रही है और आतंक का साया धीरे धीरे किश्तवाड़ को दोबारा अपनी चपेट में ले रहा है। ऐसे में पुलिस इलाके को आतंकवाद मुक्त करने और लोगो में दोबारा आत्मविश्वास जगाने के लिए कई कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी करते हुए लोगो से अपील की है कि वो सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे पहनने से बचने को कहा है। 

साथ ही पुलिस ने दुकानदारों से सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे बेचने पर भी पाबन्दी लगा दी है। पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे पहन कर आतंकी या देश विरोदी लोग अपने नापाक इरादों को आजम दे सकते है। अपनी एडवाइजरी में पुलिस ने कहा है कि जो दुकानदार सेना की वर्दी या उससे मिलते जुलते कपडे रखना या बेचना चाहते है उन्हें अपना पंजीकरण पुलिस के पास करवाना होगा। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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