सड़को पर फेके गए सडे गले प्याज खाने से सेकड़ो भेडे मर गई

धार। कानवन थाना अंतर्गत ग्राम बेगंदा में अचनाक करीब 102 भेडे मर गई। इससे भेड पालको मे हडकंप मच गया। मृत भेडो की कीमत 5 लाख रूपए से अधिक बताई जा रही है। भेड़ो के मरने का कारण सडे, गले प्याज खाने से बताया जा रहा है। सुबह होते ही भेडो के मरने का पता चला तो आसपास क्षेत्र के कई भेड पालक मौके पर जमा हो गए, तथा सुचना मिलने पर मीडियाकर्मी दिपकगिरी गोस्वामी भी वहाँ पहुंचे और बदनावर के तहसीलदार व पशु चिकित्सा विभाग के डाक्टरो को सूचना दीगई। बाद मे धार से डाक्टर राजाराम अहीरवार व डा सुरेन्द्रसिंह मौर्य तथा बदनावर से पशु चिकित्सक डा जेएस भूरिया व कानवन से डा दिनेश खराडी के साथ कर्मचारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार मनीष जैन के साथ कानवन के आरआई ओपी गोयल, पटवारी व अन्य राजस्वकर्मी भी बेगंदा पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। बाद मे मृत भेडो का पोस्टमार्टम भी किया गया। इसके बाद तालाब की भूमि मे जेसीबी से गढडा खुदवाकर मृतक भेड़ो को दफना दिया गया। यह भेडे करीब 25 दिन से गांव के सुखे पडे निस्तारी तालाब मे अन्य भेडो के साथ ठहराई गई थी। इन्हें खाने के लिए सब्जी मंडियो व गांवो के आसपास फेंके गए सडे हुए प्याज व सब्जियां आदि देने से यह हादसा होना बताया जा रहा है। आशंका है कि सडे गले प्याज खाने से फुड पायजनिंग से इनकी मौत हुई है। यह मृत भेडे पशु पालक नपाराम पिता दुदाराम रेबारी निवासी पाली (राजस्थान) की थी। इस डेरे मे कुल 152 भेडे व बच्चे थे। जिसमे से 102 ने दम तोड दिया। इससे क्षेत्र मे इतनी बडी संख्या मे एक साथ भेडो की मौत की यह पहली घटना है। हालांकि इससे पहलें सडक पर अज्ञात वाहनो से कुचले जाने से कई भेडे मर चुकी है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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