मध्यभारत Live

सच के साथ

10 years imprisonment for transporting illegal narcotics

10 years imprisonment for transporting illegal narcotics

अवैध मादक पदार्थ का परिवहन करने पर 10 वर्ष की सजा

गांजे का अवैध परिवहन करने के आरोपीगण को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1-1 लाख का जुर्माना।

सागर। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट)/ षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश श्री संजय अग्रवाल सागर के न्यायालय ने अवैध मादक पदार्थ गांजे का परिवहन करते हुए वाणिज्यिक मात्रा में 32 किलो 200 ग्राम गांजा का अवैध आधिपत्य का दोषी पाये जाने पर आरोपी अमरदीप उर्फ अन्नू एवं पिंटू यादव दोनों निवासी ग्राम टड़ा शाहपुर जिला सागर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत दोषसिद्ध पाते हुए दोनों आरोपीगण को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से तथा 1-1 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। राज्य शासन की ओर से सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पारस मित्तल द्वारा की गई।

जिला अभियोजन के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि दिनांक- 14.11.2017 को पुलिस थाना गोपालगंज में पदस्थ उपनिरीक्षक रूपेश शर्मा को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग मोटरसाईकिल से गांजा की अवैध तस्करी कर रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस मेनपानी तिराहा पहुंची। जहां पर मेनपानी की ओर से आने वाली गाड़ियों की चैकिंग करने पर मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के दो व्यक्ति मोटरसाईकिल क्रमांक एमपी 34 बी 8422 पर आते दिखाई दिए जिसमें मोटरसाईकिल चला रहे व्यक्ति ने अपना नाम अमरदीप व पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम पिंटू बताया। दोनों व्यक्तियों के बीच में दो सफेद रंग की प्लास्टिक की बोरी रखी हुईं थीं जिन्हें खोलकर एवं तौलकर देखने पर एक बोरी में 15 किलो 800 ग्राम व दूसरी बोरी में 16 किलो 400 ग्राम इस प्रकार कुल 32 किलो 200 ग्राम गांजा मिला जिसके लायसेंस सम्बन्धित कोई संतुष्टिपूर्वक जवाब नहीं दिया। जिससे मौके पर ही जब्ती संबंधी समस्त कार्यवाही कर आरोपीगण को गिरफ्तार कर अनुसंधान उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान अभियोजन की ओर कुल 15 साक्षी परीक्षित कराये गये और साक्ष्य में आए तथ्यों के माध्यम से अभियोजन ने संदेह से परे यह साबित किया कि दोनों आरोपीगण से वाणिज्यिक मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा परिवहन करते जब्त किया गया था। बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क लिया गया था कि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्षियों के कथनों में विरोधाभास है और पुलिस कर्मचारियों की साक्ष्य पर विश्वास नहीं किया जा सकता। अभियोजन की ओर से तर्क के दौरान विभिन्न न्याय दृष्टांत प्रस्तुत कर प्रकरण संदेह से परे साबित किये जाने का निवेदन किया।

न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत सबूतों और दलीलों से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा अभियुक्त अमरदीप उर्फ अन्नू पिता गुड्डा यादव एवं पिंटू यादव पिता कल्लू यादव को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत दोषसिद्ध पाते हुए दोनों आरोपीगण को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से तथा 1-1 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किये जाने और अर्थदण्ड अदा न किये जाने की दशा में 1-1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जाने का दंडादेश पारित किया गया।

Follow Us

सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

Spread the love