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आखिरकार फुट ही गया करोड़ो का डेम

Aerial survey was done by three cabinet ministers

तीन कैबिनेट मंत्रियों ने किया था हवाई सर्वे

जहां से पानी निकलने का रास्ता बनाया वहीं से मिट्टी का कटाव हुआ और बह गया करोड़ो का डैम।

धार। धार जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भारूड़पुरा में बनाया जा रहा करोडो का कारम नदी डेम को बचाने के लाख प्रयाशों के बाद भी नहीं बचा पाए। प्रसाशनिक अधिकारीयों एवं डेम बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों ने जहाँ से डेम को खाली करने के लिए पानी निकलने का मार्ग बनाया वहीँ से मिट्टी का कटाव सुरु हो गया और पानी तेज गति से निकलने लगा।
रविवार शाम 5.30 बजे बह गया कारम डैम। 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मध्य प्रदेश केबिनेट के तीन मंत्रि व जिला कलेक्टर एवं प्रशासनिक अमले की सूझबूझ से डैम का पानी लगातार कम किया जा रहा था। जिसके परिणाम स्वरूप रविवार शाम को करीब 5:30 बजे जहां से पानी निकलने का मार्ग बनाया गया था, वहीं से तेज बहाव एवं पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण मिट्टी बह गई और इस प्रकार कारण डैम जो की करोड़ों की लागत से बनाया जा रहा था, वह बह गया।
डैम में पानी कम होने से गांवों में कम हुआ नुकसान।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूझबूझ से डैम में पानी लगातार कम किया रहा था, जिसको लेकर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान ज्यादा नहीं हुआ है। पूर्व में जिला कलेक्टर ने समस्त जनमानस की रक्षा के लिए सभी को गांव से बाहर कर लिया था। साथ ही पशुओं को भी बचाने का भरसक प्रयास किया गया। 
विस्थापित हुए 40 हजार लोगों के सपने पर फिर पानी। 
विस्थापित हुए करीब 40 हजार लोगों के घर लौटने के सपने पर फिर गया पानी। रविवार शाम करीब 5 बजकर ३० मिनिट पर बांध फूट गया। जहां से रास्ता बनाकर पानी निकालने के प्रयास किया जा रहा था। वहां से पानी मिट्टी के बांध को अपने साथ बहा ले गया। इसके बाद जलप्रलय जैसे हालत बन गए। सबसे बडी राहत की बात यह है कि डैम का वॉटर लेवल काफी कम हो चुका था। इस कारण डैम का पानी गांवों ज्यादा तबाही नहीं मचा पाया, लेकिन करीब 100 करोड़ में बने इस का हाल बेहाल हो गया।
आपको बता दे कि डैम को बचाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे थे। कारम डैम ने दिल्ली से लेकर भोपाल तक हलचल मचा रखी थी। इस कारण डैम को फूटने से बचाने के लिए सेना से लेकर आईआईटी रूडक़ी सहित तमाम विशेषज्ञों की टीमों को बुलवाया गया था। रविवार सुबह जब 8.30 बजे धीरे-धीरे पानी को निकाला गया तो उम्मीद थी कि शाम तक डैम खाली हो जाएगा और गांवों में लोगों की वापसी हो सकेगी।

100 करोड़ पर फिर गया पानी।

गौरतलब हे की 304.44 करोड़ के कारम मध्यम सिंचाई परियोजना प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ की लागत से मिट्टी का डेम बनाया जा रहा था, जिस पर पानी फिर गया। सरकार ने इसे बचाने के लिए लगातार तीन दिन तक दिन-रात काफी जतन किए। रविवार सुबह एक उम्मीद नजर आने लगी थी, लेकिन शाम तक पानी के तेज बहाव ने डैम को बहा दिया।

तीन कैबिनेट मंत्रियों ने एक साथ किया था हवाई सर्वे।

डैम को खाली करने के लिए सुबह से ही काफी मशक्क़त की जा रही थी। इसके बाद दोपहर में तीन मंत्री तुलसी सिलावट, राजवर्धनसिंह दत्तीगांव और प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने पूरे इलाके का हवाई सर्वे किया था। इस दौरान हालातों का जायजा लिया गया। जबकि इस हवाई सर्वे के महज कुछ घंटे के बाद हालात बिगड़ गए और करोड़ो का डैम बह गया।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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