सिटी मजिस्ट्रेट को ईमानदारी से फर्ज निभाना भारी पड़ा

ईमानदारी से फर्ज निभाना भारी पड़ा सिटी मजिस्ट्रेट कटारे को।

धार। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते मार्च माह में पूरे देश मे लोकडॉउन लगा दिया गया था। कोरोना के खोफ ने अच्छे अच्छे सूरमाओं को घरों में रहने को मजबूर कर दिया था। आम और खास नेता और अधिकारी सब अपने घरों में दुबके हुवे थे लेकिन धार शहर में एक जाबाज अधिकारी लोगो को स्वस्थ रखने ओर उनकी जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाले हुवे रात दिन एक किये हुवे थे।

जी हाँ हम बात कर रहे है, धार के दबंग साहसी व ईमानदार सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे की, जैसे ही धार शहर में पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला वैसे ही सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे तुरंत एक्शन में आ गए ओर जो लोग लोकडॉउन का पालन नही कर रहे थे या भीड़-भाड़ इकट्ठी कर रहे थे उन पर सीटी मजिस्ट्रेट ने सख्ती बरतते हुए पालन करवाया इतना ही नहीं नगर दंडाधिकारी श्री कटारे ने मौके पर ही उनसे उठक बैठक करवाई व संक्रमण से बचने के लिए घर में ही रहने की हिदायत भी दी।

ऐसा नही है के उन्होंने डंडे के दम पर स्थिति को कंट्रोल किया या डर फैलाया बल्कि लोगो से घरों में रहने का निवेदन किया। हाथ भी जोड़े ओर जहां सख्ती करनी थी खुद ने भी डंडे चलाए ओर अपने गार्ड से भी लोगो को डंडे लगवाए इसका असर ये हुवा के धार में लोग घरों से निकलने से पहले सोचेने लगे जो दुकानदार समय से अपनी दुकानें बंद नही कर रहे थे या बेवजह दुकाने खोल रहे थे उनमें भी कटारे का खोफ पैदा हो गया था। इसी वहज से कोरोना के मरीजो का आंकड़ा ज्यादा बढ़ नही पाया। साफ तौर पर कहा जाए तो धार में कोरोना पॉजिटिव मरीज की कमी में धार नगर दंडाधिकारी वीरेंद्र कटारे का सबसे बड़ा और अहम योगदान हैं जिसे आम जनता व अधिकारियों ने कभी नहीं भूलना चाहिए।

सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे जब विवादों में आए जब नागपंचमी पर पूजन के लिए आई महिलाओं का चालान काट उन्हें वापस घर भेज दिया। जिससे एक संगठन ने उन पर धर्म विरोधी ओर भेदभाव करने का आरोप लगा दिया।

अभी हाल ही में धार में मोहर्रम पर्व पर समुदाय विशेष के ताजिये में हुई भीड़ को लेकर सीटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे पर कार्यवाही न करने का आरोप लगाया जबकि सच्चाई इसके उलट है अगर सीटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे सख्ती नही करते तो जितनी भीड़ थी उससे कई गुना अधिक भीड़ हो जाती श्री कटारे ने बिना दबाव में आए ताजिया कमेटी के लोगो की ताजिया ट्राली में शहर में घूमने की मांग सख्ती से खारिज कर दी और भिड़ न करने और उन पर कार्यवाही करने की बात दबंगता से कही थी। काफी हद तक भीड़ वहां नही पहुच पाई।

 वीडियो प्रदाता पत्रकार अमरदीप सोलंकी धार।

हम किसी भी अधिकारी का पक्ष नहीं लेते, दिखाते वही सही है जो। क्योंकि मध्यभारत live सच के साथ ।

इस भीड़ पर कार्यवाही न होने को लेकर कुछ संगठन से जुड़े लोगों और मीडिया ने भी सोशल मीडिया पर श्री कटारे पर कटाक्ष किये परंतु मोहर्रम के दिन सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कटारे ने भीड़ को कई बार खदेड़ा ओर लठ भी चलाए जिसकी वीडियो मध्यभारत live न्यूज के पास मौजूद है। जिसको लेकर मुस्लिम समाज मे भी कटारे का विरोध हुवा पर कटारे ने सारे विरोध को दरकिनार करते हुवे दबंगता से कोरोना गाईड लाइन का पालन करवाया।

छूट भैया नेताओं की आंखों में खटकते है कटारे

सही बात तो यह है कि कटारे लॉक डाउन से ही कुछ राजनीतिक लोगो की आंख की किरकिरी बने जिसका खामियाजा उन्हें सीटी मजिस्ट्रेट के पद से हटाने के रूप में चुकाना पड़ा। किंतु धार शहर की जनता उनके हौंसले ओर जज्बे की सराहना कर रही है, की किस तरह वीरेंद्र कटारे ने वनमेन आर्मी बन कर स्थित बिगड़ने से बचाई। धार की जनता को उच्चधिकारीयो से आशा है की जल्द ही फिर से सिटी मजिस्ट्रेट का प्रभार दबंग अधिकारी वीरेंद्र कटारे को मिले।

कटारे ओर विवाद का चोली दामन का साथ

दबी जुबान में चर्चा यह भी है कि जब से कटारे साहब की पदस्थापना हुई है तभी से अपने व्यहवार से ये श्रीमान विवादों में घिरे नजर आये है। चाहे जनसुनवाई में फोन पर पार्षद को हड़काना हो या किसी छूट भैय्यन नेता को डपटना हो, ये अपने नियम के बाहर जाने पर किसी को नही छोड़ते है। एक बार तो कांग्रेस के ग्रमीण नेता को बातो ही बातो में स्थान्तरण होने पर भी रिलीव नही होने पर अपनी ताकत का एहसास करवा दिया था। जोभी हो परन्तु अभी की दशा में आमजनता की नजर में कटारे साहब सही है आगे ऊपर वला जाने।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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