सोयाबीन एवं अन्य नष्ट फसलो में भारी नुकसान, बीमा एवं मुआवजे के लिए विधायक के साथ प्रदर्शन

सोयाबीन एवं अन्य नष्ट फसलो का सर्वे करवाकर मुआवजा एवं फसल बीमा प्रदान करे – विधायक ग्रेवाल।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, बडी संख्या मे मौजूद रहे किसान।

सरदारपुर/धार। प्राकृतिक आपदा एवं कीट प्रकोप की वजह से सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र सहीत धार जिले मे सोयाबीन, मक्का, कपास, टमाटर, मिर्ची, उडद, तुवर आदि फसले नष्ट हुई है। उन फसलो को उचित एवं निष्पक्ष सर्वे करवाकर किसानो को आर.बी.सी. 6-4 के तहत फसल बीमा एवं मुआवजा दिया जाए, फसल बीमा की समय सीमा मे वृध्दि की जाए एवं किसानो को पर्याप्त मात्रा मे युरिया प्रदान किया जाए उक्त बात विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरदारपुर, अमझेरा एवं दसई द्वारा संयुक्त रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विजय राय को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान कही गई।

इस दौरान बडी संख्या मे मुंह पर मास्क लगाकर किसानगण हाथो मे सौयाबीन की डालिया लेकर पहुचे। जिन्होंने  शारीरिक दूरी का भी  विशेष ध्यान रखा।

ज्ञापन मे बताया गया है कि सोयाबीन, मक्का, कपास, टमाटर, मिर्ची, उडद, तुवर व अन्य फसल प्राकृतिक आपदा तथा कीट प्रकोप से खराब होने पर सर्वे कराकर आर.बी.सी. 6-4 के तहत उचित मुआवजा एवं फसल बीमा प्रदान करने, फसल बीमा की समय सीमा बढाने एवं किसानो को यूरिया की पर्याप्त मात्रा मे प्रदाय किया जाय। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र मे कृषि के 80 प्रतिशत रकबे पर सोयाबीन की फसल होती है तथा 90 प्रतिशत लघु एवं सीमांत कृषक है। मौसम की अनियमितता के कारण सोयाबीन की फसल काफी प्रभावित हुई है। प्राकृतिक आपदा एवं कीट प्रकोप से 80 प्रतिशत से ज्यादा सोयाबीन की फसल खराब (नष्ट) हो चुकी है। सोयाबीन की फसल मे पीला मौजेक रोग लगने से फलिया नही लग रही है। जिससे सोयाबीन के उत्पादन पर असर गिरेगा। साथ ही कई क्षैत्रो मे प्राकृतिक आपदा तो कई क्षैत्रो मे माही नदी किनारे स्थित खेतो मे अत्यधिक वर्षा से नदी मे तेज बहाव होने के कारण भी सोयाबीन एवं अन्य फसले नष्ट हो गई है।

विगत वर्ष अगस्त माह मे भोपाल से इन्दौर जाते समय आष्टा मे किसान वर्ग द्वारा शिवराजसिंह चौहान द्वारा सोयाबीन की नष्ट फसलो का मुआवजा प्रदान करने हेतु ज्ञापन सौंपा था जिसके संबंध मे कहा गया था कि सोयाबीन की फसले पूरी तरह खराब हो गई है। सरकार की ड्युटी है कि जो फसले नष्ट हुई है, उन फसलो को जल्द से जल्द सर्वे कर राहत राशि एवं फसल बीमा प्रदान किया जाए अन्यथा मे सडक पर उतरकर प्रदर्शन करूंगा। वर्तमान मे अगस्त माह ही चल रहा है सरकार द्वारा फसल बीमा एजेंसी तय नही की गई है। साथ ही वर्तमान समय मे किसानो को यूरिया पर्याप्त मात्रा मे नही मिल पा रहा है।

ज्ञापन मे मांग की गई है कि सम्पूर्ण सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र मे सोयाबीन एवं अन्य नष्ट फसलो का सर्वे कराकर आर.बी.सी. 6-4 के तहत कृषको को मुआवजा एवं फसल बीमा प्रदान करने की प्रक्रिया शीघ्र अतिशीघ्र प्रारंभ करे एवं फसल बीमा की समय सीमा 31 अगस्त से बढाने के आदेश प्रसारित किए जाए एवं किसानो को यूरिया पर्याप्त मात्रा मे प्रदान किया जाए, अन्यथा किसान वर्ग के हित मे चरणबध्द आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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