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Heavy negligence in 200-bed hostel, one girl died

200 बेड के छात्रावास में भारी लापरवाही, एक बालिका की मौत

सरदारपुर/धार। जहां एक ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बालिकाओं को पढ़ने एवं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई योजनाए लागु की है। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश के सभी जिलों में कई स्थानों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी के नाम से छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं।

कस्तूरबा गांधी छात्रावास की देखरेख के लिए कई प्रकार की सावधानियों के साथ विकास खंड शिक्षा अधिकारी को भी लगाया जाता है, जिसकी देखरेख में इन छात्रावास को संचालित किया जाता है। साथ ही जिले के बीआरसी भी इनपर अपनी नजर बनाए हुए रहते हैं। उसके बावजूद छात्रावासों में भारी अनियमितता देखने को मिलती है।

जहां पर हॉस्टल वार्डन की मनमानी एवं लापरवाहीयों के आलम आसानी से देखे जा सकते हैं, इतना ही नहीं यह लोग पर्याप्त एवं पूर्ण रूप से शासन के द्वारा दी जा रहे भोजन में भी गड़बड़ी करते हैं। बच्चों को पूर्ण रूप से पौष्टिक आहार नहीं दिया जाता है। जबकि देखा जाए तो हॉस्टलों में बच्चों के खाने रहने से लेकर सुबह चाय नाश्ते के भी पैसे अलग-अलग फंड के माध्यम से प्रदाय किए जाते है।

ऐसे ही एक बड़ी अनियमितता धार जिले की सरदारपुर विकासखंड अंतर्गत तिरला में कस्तूरबा गांधी छात्रावास में देखने को मिली, जहां पर एक बच्ची का स्वास्थ्य खराब होने के बाद उसके उपचार में लापरवाही बरती गई।

मृत बालिका के परिजनों का कहना है कि दोपहर में 2 से 3 बजे के करीब उनको सूचना दी गई थी कि बालिका का स्वास्थ्य खराब है, वहीं सहायक वार्डन का कहना है कि बालिका शाम 4 बजे स्कूल से आई और उसका स्वास्थ्य नॉर्मल था। जब उसके पिता को फोन पर सूचना दी गई, तब उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि आप की बालिका का स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ा हुआ है। जिसकी लापरवाही का खामियाजा परिवार वालो को अपनी बेटी खोकर चुकाना पड़ी।

उक्त घटना में अधिकारियों द्वारा खानापूर्ति के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्रावास अधीक्षक  रंजना वर्मा एवं सहायक अधीक्षक टीना खराड़ी को सेवा से पृथक करने का आदेश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राहुल चौहान द्वारा किया गया है।

वहीं सरदारपुर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ अनिल जैन ने शव परीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि उक्त बालिका के शरीर में किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है। बालिका के कुछ अंग जो कि शव परीक्षण के दौरान निकाले जाते हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए लैब में भेजा गया है। डॉ एम एल जैन मेडिकल ऑफिसर सरदारपुर स्वास्थ्य केंद्र। 

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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