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Relief news for students, classes will be conducted!

छात्रों के लिए राहत भरी खबर, संचालित होगी कक्षाएं!

भोपाल। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान एक बार फिर से स्कूलों को बंद कर दिया गया है। स्कूलों को बंद करने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा राज्य शासन की पहली प्राथमिकता बनती है। हालांकि बच्चो की पढ़ाई कीसी भी तरह से प्रभावित ना हो। इसलिए अब सोमवार से माहौल कुछ बदला बदला नजर आने वाला है। दरअसल राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस ने बताया, कि विद्यार्थियों की पढ़ाई की निरंतरता आवश्यक है। इसके लिए शिक्षा की व्यवस्था फिर से प्रारंभ की जा रही है।

17 जनवरी 2022 से ‘हमारा घर हमारा विद्यालय’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान हर दिन और नियमित अध्ययन हेतु घर में ही स्कूल जैसा वातावरण निर्मित कर शिक्षण गतिविधियां संचालित की जाएगी साथ विद्यार्थी अपने घर के वातावरण परिवेश और कॉलेज में अध्ययनरत अपने बड़े भाई बहन के सहयोग से घर पर रहकर पढ़ाई करेंगे।

वहीं राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक ने बताया कि बच्चों के पास स्रोत के रूप में हमारे द्वारा उपलब्ध कराए गए। रेडियो पाठ्यक्रम और अभ्यास पुस्तक के आधार पर लर्निंग प्रेक्टिस पूरी तरह से तैयार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम स्कूल का प्रसारण सोमवार से शनिवार रोज सुबह 11:00 से दोपहर 12:00 के मध्य प्रसारित किया जाएगा। छात्र आकाशवाणी, विविध भारती के प्रदेश स्थित सभी प्रसारण केंद्र से सुन सकेंगे।

इसके अलावा डीजीलैप व्हाटसएप समूह पर छात्रों को लर्निंग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। छात्र अपने घर पर भी अभ्यास पुस्तिका में कार्यशाला का अभ्यास करेंगे। इसके लिए हर दिन सुबह 10:00 बजे परिवार की कोई सदस्य घंटी- ताली बजाकर स्कूल का कार्य शुरू करेंगे। वहीं 11:00 बजे डीजीलैप व्हाटसएप ग्रुप पर शैक्षणिक गतिविधियां देखकर छात्रों को उसका अभ्यास करवाएंगे।

इसके अलावा हर दिन 11:00 से 12:00 बजे वीडियो स्कूल प्रशासन को सुनकर बच्चे उससे गतिविधियां संचालित करेंगे। जो कि दोपहर 12:00 से 1:00 के बीच मध्य एंटीग्रेट अभ्यास पुस्तिका पर कार्य किया जाएगा। वहीं इन सभी कार्यों की मॉनिटरिंग संबंधित विद्यालय के शिक्षक द्वारा की जाएगी।

इस मामले में राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक ने विस्तृत दिशानिर्देश जिला कलेक्टर को जारी किए हैं। उन्होंने विद्यार्थी के अभिभावक और उनके परिवार के सदस्य से अपील की है कि इस दौरान छात्रों के सहयोग करें और उनके घर में शैक्षणिक वातावरण निर्मित करें।

संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र धनराजू एस ने कहा कि सभी गतिविधियों के पूरा होने में कोरोना प्रोटोकॉल पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से अनुरोध किया है कि गतिविधियों के सुचारू आयोजन के लिए समस्त ब्लॉक प्रभारियों, जनपद शिक्षा केन्द्रों तथा शिक्षकों को आवश्यक निर्देश भेजे और सभी गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित कराएँ। समय-समय पर शिक्षकों से फीडबैक, फोटोग्राफ्स एवं बच्चों की शैक्षणिक/सीखने की प्रक्रिया को वीडियों के रूप में उपलब्ध कराएँ।

क्या रहेगी ? शिक्षकों की भूमिका—

शिक्षकों के मोबाइल पर एक दिवस पूर्व शाम को 8 बजे तक DigiLEP के वीडियो भेजे जाएँगे, जिन्हें अगले दिन आपको कक्षा के वाट्सएप ग्रुप पर प्रातः 10 बजे तक भेजना होगा।
भेजने से पूर्व वीडियो देखें एवं बच्चों को लिखित / ऑडियो के माध्यम से व्हाट्स एप समूह पर सूचना दें।

प्रतिदिन अपने विद्यालय के कम से कम 5 बच्चों से मोबाइल के माध्यम से पढ़ी गई सामग्री पर चर्चा कर अगले दिन की सामग्री के बारे में बताना तथा रिकार्ड संधारित करना।

प्रतिदिन विद्यालय समय में गाँव / शहर के एक मोहल्ले में 5 बच्चों (जिनके पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है) के घर जाकर गृह सम्पर्क के रूप में हमारा घर हमारा विद्यालय के कार्य का अवलोकन एवं आकलन करेंगे तथा फीडबेक देंगें।

बच्चों से उनकी समस्याए पूछेंगे तथा उनका समाधान करेंगे।

समय सारिणी अनुसार गतिविधियों का अवलोकन एवं आंकलन करना तथा अपना फीडबैक डायरी में प्रस्तुत करेंगे।

शिक्षक बच्चों से गृह कार्य जैसे एट ग्रेड अभ्यास पुस्तिकाए बच्चों के प्रतिदिन पढ़ने एवं लिखने की कॉपी की जाँच करेंगे, मौखिक गणित पर चर्चा करेंगे एवं उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

क्या रहेगी ? प्राचार्य (Principals) की भूमिका—

प्रतिदिन अपने विद्यालय के शिक्षकों से चर्चा कर उनसे समय सारिणी के अनुसार “हमारा घर-हमारा विद्यालय” के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे।

प्रतिदिन कम से कम 5 अभिभावकों से चर्चा कर उन्हें हमारा घर हमारा

हमारा विद्यालय के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के बारे में अवगत करायेंगे तथा बच्चों को उसके अनुसार पढ़ाई करवाने हेतु प्रेरित करेंगे।

DigiLEP वीडियो के माध्यम से प्राप्त सामग्री के अध्ययन के लिये सुविधानुसार बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित करेंगे।

पाँच विद्यार्थियों के घर जाकर बच्चों के प्रतिदिन पढ़ने एवं लिखने की कॉपी की जाँच करेंगे
मौखिक गणित पर चर्चा करेंगे शिक्षकों को सम्पादित किये गये आवंटित कार्यों को देखेंगे एंव रिकार्ड रखेंगे।

नियंत्रण (मॉनिटरिंग)—

समस्त गतिविधियों की मॉनिटरिंग एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से की जायोगी।

डीपीसी जिला एवं ब्लॉक MIS के माध्यम से कक्षावार 5 व्हाट्सएप समूह की गतिविधियों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग करेंगे।

जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों ;एपीसीण् बीआरसीण् बीएसी एवं जन शिक्षकद्ध एवं डाइट फेकल्टी के द्वारा भी कक्षावार प्रतिदिन 5 व्हाट्सएप समूह में जुड़कर गतिविधियों की

मॉनीटरिंग एवं आवश्यक सहयोग किया प्रदान किया जायेगा।

साथ ही जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एवं डाइट फैकल्टी प्रतिदिन पाँच शिक्षकों से दूरभाष पर चर्चा कर “हमारा घर-हमारा विद्यालय” की गतिविधियों जानकारी प्राप्त करेंगे एवं समस्याओं का निराकरण करेंगे।

क्या रहेगी ? परिवार के सदस्यों की भूमिका—

शिक्षा का स्थान / कोना निर्धारित समय पर बच्चों का घर में लिखने.पढ़ने के लिए एक स्थान नियत करेंगे और निर्धारित विषय का कार्य करने हेतु प्रेरित करेंगे।

बच्चों को आवश्यक स्टेशनरी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे गतिविधि के अनुसार यथासंभव पेंसिल, कापी, स्केचपेन, कलर, पेंसिल, पुराने पेपर आदि उपलब्ध कराएँगे।

DigiLEP वीडियो के माध्यम से प्राप्त सामग्री के अध्ययन के लिये सुविधानुसार बच्चों को मोबाइल उपलब्ध कराना।

बच्चे पूरे सप्ताह की गतिविधियों के आधार पर 1 से 2 मिनिट का ऑडियो रिकार्डिंग अथवा वीडियो तैयार करके अपने कक्षा ग्रुप पर भेजेंगे, जिसमें पालक उनकी मदद करेंगे।

प्रतिदिन एक पेज हिन्दी एवं अंग्रेजी का लेखन एवं गणित का मौखिक अभ्यास कराएँगे।

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